बिहार में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल ख़त्म, हेल्थ मिनिस्टर ने मानी कई मांगें

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मंगल पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार (फाइल फोटो)

पटना : बिहार में बीते सोमवार से जारी संविदा वाले स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल ख़त्म हो गई है. स्वास्थ्य कर्मियों की यह हड़ताल आज शनिवार 9 दिसंबर को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से बातचीत के बाद ख़त्म हुई. बिहार के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत करीब 80 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी सेवा स्थाई करने तथा अन्य कई मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे. इसके बाद राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो गई थी. इस हड़ताल के बाद विभाग के प्रधान सचिव आर के महाजन ने सभी हड़ताली कर्मियों को वापस लौटने अन्यथा उनकी सेवा ख़त्म किये जाने का फरमान सुना दिया था.

महाजन द्वारा बुधवार 6 दिसंबर को यह आदेश सभी जिलों के जिलाधिकारियों को दिया गया था. इसके बाद आंदोलनरत स्वास्थ्यकर्मी और भड़क गए थे. उन्होंने आमरण अनशन करने और आत्मदाह तक कर लेने की धमकी दे डाली थी. इसके बाद गुरुवार को आर के महाजन ने कहा था कि उनकी कई मांगें मान ली जायेंगी. वे शनिवार तक अपनी हड़ताल ख़त्म करें. इस अवधि के बाद हड़ताली कर्मियों का कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म कर उनकी जगह नए कर्मी बहाल किये जायेंगे.



आज शनिवार की शाम बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की. उन्होंने हड़ताल पर गए सभी संघों के लोगों को वार्ता के लिए सचिवालय बुलाया था. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से वार्ता के बाद ही अभी कुछ देर पहले हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों ने अपना आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया है.

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बताया जा रहा है बिहार सरकार संविदा कर्मियों की अधिकतर मांगों को मानने के लिए तैयार हो गई है. इनमें सेवा को स्थाई करने की मांग शामिल नहीं है. विभाग के प्रधान सचिव आर के महाजन ने भी गुरुवार को इस मांग के अलावा कई बातों को मानने का आश्वासन दिया था. विभाग का कहना है कि इनमें करीब 17 हजार कर्मी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत हैं जिनके लिए 60 प्रतिशत राशि भारत सरकार और 40 प्रतिशत राशि बिहार सरकार खर्च करती है.