मांझी बोले – आरक्षण की समीक्षा हो, सही कहा था मोहन भागवत ने

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जीतन राम मांझी (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री-सह-हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी भी देश में आरक्षण की समीक्षा चाहते हैं. आज रविवार 4 फरवरी को उन्होंने आरक्षण की समीक्षा एक बार फिर किये जाने कि मांग की है. मांझी ने यह बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बिहार दौरे से पहले दिया है, जिसपर सियासत होनी तय है. जीतन राम मांझी इससे पहले बिहार में 50 विधानसभा सीटों की मांग कर NDA नेतृत्व में खलबली मचाने का काम कर चुके हैं.

दरअसल, मांझी ने आज मोहन भागवत के बिहार दौरे को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में ये बात कही. वे आज समस्तीपुर के ताजपुर हाई स्कूल परिसर में आयोजित संत रविदास जयंती समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भागवत  ने आरक्षण की समीक्षा की बात सही ही कही थी. उसपर बेवजह इतना हंगामा हुआ था. मांझी का कहना था कि आरक्षण की समीक्षा होनी ही चाहिए. अभी भी आरक्षण का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा है. अगर देश में कॉमन स्कूलिंग सिस्टम की व्यवस्था कर दिया जाय तो इसकी कोई आवश्यकता नहीं रहेगी.

NDA में कोई दरार नहीं

मांझी ने इस दौरान कहा कि उनके बयानों से ऐसी ख़बरें आरही है कि NDA में दरार पड़ गई है. लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है. मांझी ने कहा कि वे जहां भी रहते हैं धर्य के साथ रहते हैं. उन्होंने साफ किया की 2019 के चुनाव में वो NDA के साथ ही रहेंगे. उन्होंने केंद्र सरकार के आम बजट की तारीफ़ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में तीन लाख करोड़ खर्च की योजना है, जिसमें एक लाख करोड़ शिड्यूल कास्ट पर खर्च किया जाएगा. ये अच्छी बात है.

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5 फरवरी को पटना आयेंगे मोहन भागवत

मालूम हो कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सोमवार 5 जनवरी को बिहार आ रहे हैं.  5 फरवरी को वे पटना के आरएसएस कार्यालय में रात्रि विश्राम करेंगे. भागवत इसके बाद 6 फरवरी को मुजफ्फरपुर रवाना होंगे जहां 10 फरवरी तक किसान, गोपालक, कृषि और कई ग्रामीण विषयों पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे. 10 फरवरी को ही वे वापस पटना आकर वाराणसी के लिए रवाना हो जाएंगे. आगे देखें VIDEO : लालू कर रहे हैं चुनाव की तैयारी…

2015 में भागवत के बयान पर मचा था बवाल

बताते चलें कि मोहन भागवत के साल 2015 में आरक्षण पर दिए बयान से ख़ासा बवाल मच गया था. भागवत ने सितम्बर 2015 में बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले संघ के मुखपत्र पांचजन्य और ऑर्गेनाइजर में दिए इंटरव्यू में कहा था कि आरक्षण नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता है. उनका कहना था कि आरक्षण का राजनीतिक उपयोग किया गया है और सुझाव दिया कि ऐसी अराजनीतिक समिति गठित की जाए जो यह देखे कि किसे और कितने समय तक आरक्षण की जरूरत है. उनके इस बयान पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने पलटवार किया था, जिसके बाद माना जाता है कि बिहार में चुनावों की हवा बदल गई थी.

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