बिहार के संविदाकर्मियों के लिए खुशखबरी का वक़्त नजदीक, 15 अगस्त को मिल जाएगा रिपोर्ट

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लाइव सिटीज डेस्क : बिहार के विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 3 लाख संविदाकर्मियों के लिए खुशखबरी का वक़्त नजदीक आ रहा है. संविदाकर्मियों को अब सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधाएं देने की तैयारी हो रही है. बिहार सरकार ने संविदाकर्मियों की सेवा शर्तें तय करने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनायी थी. इस कमेटी ने अब सेवा शर्तों को अंतिम रूप दे दिया है. मिली जानकारी के अनुसार संविदाकर्मियों को अब सरकारी कर्मचरियों की तरह अवकाश मिल सकता है. वे अब 60 साल की उम्र तक नौकरी भी कर सकेंगे.

बता दें कि कमेटी का कार्यकाल 12 अगस्त को खत्म हो रहा है. वह 15 अगस्त तक सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. कमेटी की सिफारिशों को अगर सरकार ने मंजूर कर लिया तो संविदाकर्मियों को सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधाएं मिल सकती हैं. संविदा पर बहाल कर्मचारियों का स्थायीकरण कैसे हो इसको लेकर 360 पन्ने की एक रिपोर्ट तैयार की गई है. जो जल्द ही समिति द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी. रिपोर्ट का अध्ययन कर राज्य सरकार अपना फैसला लेगी. राज्य के करीब तीन लाख संविदा कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा.

स्थायी होंगे 3 लाख संविदा कर्मचारी

गौरतलब हो कि संविदा कर्मियों की सेवा नियमितीकरण के लिए पूर्व मुख्य सचिव एके चौधरी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित है, ताकि संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों की सेवा भी 60 साल की उम्र तक हो जाए. हालांकि स्थायी होने के बाद इन कर्मियों का वेतन क्या होगा, इस पर समिति ने कोई सुझाव या मंतव्य अपनी रिपोर्ट में नहीं दिया है. यह समिति के कार्य का हिस्सा भी नहीं था. हालांकि बाद में इस पर निर्णय लिया जा सकता है.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में इसका विशेष ध्यान रखा है कि संविदा कर्मियों के स्थायीकरण के लिए अपनाए जाने वाले नियम सुप्रीम कोर्ट अथवा हाईकोर्ट के किसी निर्णय के खिलाफ नहीं हों. सभी विभागों से अलग-अलग कई चरणों में बैठक करने के बाद समिति ने रिपोर्ट तैयार की है.

समिति का गठन 28 अप्रैल 2015 को किया गया था. उस समय यह कहा गया था कि तीन महीने में समिति रिपोर्ट देगी. लेकिन संविदा कर्मियों की संख्या बड़ी होने के कारण रिपोर्ट तैयार करने में समय लगा. विभिन्न मामलों में न्यायालयों के आदेश का भी अध्ययन किया गया. इस कारण समिति का कार्यकाल बढ़ाया जाता रहा. अगस्त 2018 तक कार्यकाल बढ़ाया गया है.

संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों की संख्या ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, वित्त, सूचना प्रावैधिकी, पंचायती राज आदि विभागों में अधिक हैं.

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