बिहार सरकार का साफ़ आदेश, मानव श्रृंखला में जबरदस्ती किसी को लाये तो खैर नहीं

लाइव सिटीज, पटना : बिहार में आगामी रविवार 21 जनवरी को दहेज़ व बाल विवाह के खिलाफ मानव श्रृंखला का आयोजन किया जाना है. इसके लिए सरकारी तथा प्रशासनिक तैयारियां को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस महत्वाकांक्षी योजना की राह में कई अड़चनें भी आ रही हैं. विपक्ष के साथ ही कई संगठनों ने भी इसका विरोध करना शुरू किया था. बाद में पटना हाईकोर्ट में इस मानव श्रृंखला के खिलाफ याचिका भी डाली गई थी. हाईकोर्ट ने अपने निर्देश में बिहार सरकार से कहा था कि इस मानव श्रृंखला में किसी को भाग लेने के लिए मजबूर न किया जाए.

अब आज शुक्रवार 19 जनवरी को बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने इससे संबंधित साफ़ आदेश जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आर के महाजन के नाम से जारी इस आदेश में कहा गया है कि पटना हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में किसी को भी मानव श्रृंखला में भाग लेने के लिए मजबूर न किया जाए. बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि हाईकोर्ट के दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए.

महाजन ने अपने पत्र में कहा है कि अगर किसी के भी द्वारा मानव श्रृंखला में भाग लेने के लिए किसी को मजबूर किया जायेगा, या इससे संबंधित कोई आदेश जारी किया जायेगा, तो यह कोर्ट की अवमानना होगी और बिहार सरकार ऐसे अधिकारियों/विभागों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा.

हाईकोर्ट ने दिए हैं ये निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने मानव श्रृंखला को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार 16 जनवरी को बिहार सरकार के लिए अहम निर्देश जारी किये थे. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि श्रृंखला निर्माण में बच्चों, सरकारी कर्मियों एवं लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कोई बाध्यकारी आदेश न निर्गत किया जाए. इस मानव श्रृंखला में भाग लेना बिलकुल स्वैच्छिक होगा. अगर कोई भी सरकारी कर्मी, शिक्षक, छात्र या अभिभावक इस मानव श्रृंखला में भाग नहीं लेता है, तो उसके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न की जाए.

शिव प्रकाश राय ने अपनी याचिका में अदालत से कहा था कि यह मामला बाल विवाह अधिनियम 1973 और दहेज उन्मूलन एक्ट 1961 का है. इसमें कुछ भी नया नहीं है. राजनीतिक लाभ के लिए ही सिर्फ इसे नए तौर पर तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि पिछले साल भी शराबबंदी कानून के समर्थन में मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया था.

बेतिया में नीतीश ने किया था एलान

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते साल नवंबर माह में बेतिया में इस मानव श्रृंखला का एलान किया था. मुख्यमंत्री ने कहा था कि आज से करीब 1 वर्ष पहले शराबबंदी के खिलाफ चार करोड़ से अधिक लोगों ने मानव श्रृंखला का निर्माण किया था और शराबबंदी के प्रति अपना अपार समर्थन जताया था. अब दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ फिर से मानव श्रृंखला बनायी जायेगी. 21 जनवरी को बिहार में एक भव्य मानव श्रृंखला का निर्माण किया जाएगा, जिसमें शराबबंदी के साथ दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ शंखनाद होगा.

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