बिहार में जेई के 7000 पद खाली, हाईकोर्ट ने सरकार से किया जवाब तलब

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पटना : राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में लगभग 7 हजार जूनियर इंजीनियर के पद अब भी खाली हैं. रिक्त पदों को नहीं भरे जाने के मामले में पटना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. लगभग 8- 10 वर्षों से इन पदों को नहीं भरा गया हैं. जहां बड़ी संख्या में जुनियर इंजीनियर बेरोजगार बैठे हैं, वहीं राज्य का विकास कार्य भी ठप्प पड़ा हैं. चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन की खंडपीठ ने सोमवार को मुकेश कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई की. 2 सप्ताह बाद फिर मामले पर सुनवाई होगी.

पूर्व में जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में कहा था कि विभाग में सिविल कनीय अभियंताओं के 3306 पद हैं. इनमें मात्र 835 नियमित तौर पर कार्यरत हैं. शेष 2471 पद रिक्त हैं. वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में 854 कनीय अभियंताओं को संविदा पर बहाल किया गया है.

प्रदूषित जल की समस्या को लेकर 4 हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

इसके अलावा बिहार के कई जिलों में प्रदूषित जल के कारण हो रही समस्याओं के मामले पर भी पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 4 सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया. ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन की खंडपीठ ने सुनवाई की. कोर्ट को बताया गया कि राज्य के 9 ज़िले के जल में आर्सेनिक की मात्रा खतरनाक सीमा तक पहुंचा है.

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वहीं राज्य के कई ज़लों में जल फ्लोराइड और आयरन की अधिक मात्रा से प्रभावित हैं. इसका असर सभी के स्वास्थ्य पर पड़ता हैं और घातक बीमारियों की संभावना होती हैं. 4 सप्ताह बाद मामले पर सुनवाई होगी.

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