बिहार से टला सुखाड़ का खतरा, CM ने कहा- सूखा घोषित करने का अभी कोई आधार नहीं

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लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में हाल के दिनों में हुई अच्छी बारिश की वजह से सूखा संकट टलता दिख रहा है. वर्षापात का गैप 48 प्रतिशत से घटकर 23 प्रतिशत पर आने से अब 14 जिलों की बजाए सिर्फ पांच जिलों पर ही सूखे का असर है. सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना और नालंदा में ही काफी कम बारिश हुई है. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूखे की स्थिति की समीक्षा की जिसमें पूरी तस्वीर सामने आई. हालांकि सरकार ने फिलहाल डीजल सब्सिडी और खेती के बिजली बिल में कमी का फैसला अगले आदेश तक जारी रखने का फैसला किया है.

बिहार में अब सूखा नहीं

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा, ‘बिहार में सूखा घोषित करने का अभी कोई आधार नहीं है क्योंकि आज कहीं सूखा नहीं है. वर्तमान परिस्थितियों के मुताबिक अब सिर्फ वैशाली, सारण, पटना, मुजफ्फरपुर और नालंदा में ही विशेष निगरानी की जरूरत है.’ इसी के साथ फसल सहायता योजना का आवेदन देने की समय सीमा को बढ़ा कर 31 अगस्त तक कर दिया गया है.

11 अगस्त को फिर से सूखे के स्थिति की समीक्षा

अब 10 या 11 अगस्त को फिर से सूखे के स्थिति की समीक्षा की जाएगी. बैठक के बाद मुख्य सचिव दीपक कुमार और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि वैशाली के हालात सबसे अधिक खराब हैं. मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में धान का बिचड़ा आच्छादन 97% है जबकि रोपनी का औसत 50% हो गया है. मौसम विभाग ने 6-7 अगस्त तक अच्छी बारिश होने का पूर्वानुमान दिया है. पटना और नालंदा में क्रमश: 8 % और 3 % रोपनी हुई है.

गौरतलब है कि बिहार में बीते एक हफ्ते की बारिश ने सूखे के खतरे को धो डाला है. राज्य सरकार के मुताबिक अब सामान्य से कम बारिश वाले जिलों की संख्या महज 5 रह गई है. साथ ही, मौसम विभाग ने अगस्त में भी राज्य में अच्छी बारिश की संभावना जताई है. हालांकि, सरकार अभी डीजल सब्सिडी और कृषि के लिए बिजली दरों में रियायत को जारी रखेगी.

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