मुंगेर में CPI का झंडा गाड़कर हथिया ले रहे हैं जमीन, अराजक हो गई है स्थिति

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मुंगेर, सुनील कुमार जख्मी : मुंगेर में अचानक आ गए मधेपुरा, सहरसा, कटिहार, बेगूसराय, सुपौल, लखीसराय, खगड़िया से 5000 से अधिक के संख्या में लोग. सीपीआई का झंडा लेकर ऋषि कुंड में डाल दिया अपना झंडा और कर लिया अस्थाई आशियाने का निर्माण. झंडा गाड़ो और जमीन हथियाओ का खेल बुधवार अहले सुबह से ही जारी है. अब तक लगभग 7000 से अधिक लोग आकर सैकड़ों एकड़ निजी जमीन पर अपना आशियाना बनाना शुरु कर दिया है. एक पूरी बस्ती बस गई है.

स्थिति अराजक बनी हुई है

विश्वस्त सूत्रों की माने तो 20000 की संख्या में अन्य जिलों से भी लोगों के आने की संभावना है. पूरे मामले में स्थिति अराजक बनी हुई है. जमीन मालिक को सूझ नहीं रहा है कि क्या करें. वहीं प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. जिधर देखो उधर से ही कोई ऑटो से, कोई टेंपो से, तो कोई पैदल तो कोई ट्रेन से ऋषि कुंड पहुंच रहा है. बरियारपुर व शामपुर थाना क्षेत्र का ऋषि में लगभग सैकड़ों एकड़ जमीन जिस पर यह लोग आकर अपना कब्जा जमा लिया है.

वोट की राजनीति का खेल

वहीं प्रशासन अभी इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहा है. कल बरियारपुर एवं शामपुर थाना की पुलिस तो गई थी लेकिन भारी संख्या में लोगों को देखकर उनकी एक ना चली. लोगों ने साफ-साफ कह दिया यह जमीन परती है. हम यहीं अपना आशियाना बनाएंगे. लोगों का आना बदस्तूर जारी है. लेकिन अभी सभी जनप्रतिनिधि मौन हैं. वोट की राजनीति के लिए यह खेल खेला जा रहा है.

हालांकि लोगों ने बताया कि उनके यहां बाढ़ आ गया है. इसलिए वह यहां आकर बसे हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि अगर लखीसराय में बाढ़ आता है, कटिहार में बाढ़ आता है, बेगूसराय में बाढ़ आता है तो स्थानीय प्रशासन बाढ़ राहत शिविर के लिए स्थान चिन्हित करते हैं और विस्थापित को वहीं रखा जाता है. ऐसे में मधेपुरा, सहरसा से लोग अगर मुंगेर में आकर बसते हैं तो निश्चित रूप से कहानी कुछ और ही होगी.

पूरे प्रकरण में स्थिति भयावह बनी हुई है. लोगों का आना बदस्तूर जारी है. जिनकी जमीन जा रही है उनके हाथ पांव फूल रहे हैं. इलाका नक्सल प्रभावित होने के कारण वरीय पदाधिकारी भी वहां नहीं पहुंच पा रहे हैं. दो दो थाना क्षेत्र होने के कारण भी मामला उलझा हुआ है.

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वहीं सीपीआई के नेता दिलीप सिंह ने भी साफ साफ कह दिया है कि हम सरकार के नीतियों का ही पालन कर रहे हैं. सरकार आजतक गरीब भूमिहीनों को 2 डिसमिल जमीन तक नहीं दी है.वही भूदान की जमीन पर भी लोगों का कब्जा नहीं करवा पाया. ऐसे में समाज में अमीर गरीब के बीच खाई बढ़ रही ह. इसी खाई को कम करने के लिए यह लोग यहां आए हैं. समाज में समरसता और बराबरी करना सीपीआई का उद्देश्य है. अगर किसी की निजी जमीन पर निर्माण हुआ है तो हम लोग उसे खाली कर देंगे हमें निजी जमीन मालिकों को तंग और परेशान नहीं करना है. लेकिन यह लोग यहीं रहेंगे दूसरे जगह नहीं जाएंगे यह सभी का फैसला है.

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