डीआईजी की कवायद : स्टार्ट हुआ गर्ल्स सिक्योरिटी बूथ, 10 दिनों में आएगा सिक्योरिटी एप

पटना : लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार ने अपनी कवायद शुरू कर दी है. अपनी नई कवायद के तहत डीआईजी मंगलवार को राजधानी के मगध महिला कॉलेज पहुंचे थे. जहां उन्होंने गर्ल्स सिक्युरिटी बूथ की स्थापना की. आज से मगध महिला कॉलेज में सिक्योरिट बूथ पर 4 ट्रेंड लेडीज कांस्टेबल रहेंगी. जो परेशान लड़कियों की बात सुनेंगी. कांस्टेबल का नंबर कॉलेज की सभी लड़कियों के पास रहेगा. लड़कियां उनसे मिलकर और कॉल कर अपनी बात कह सकेंगी.

कॉलेज में खोले गए गर्ल्स सिक्योरिटी बूथ से गांधी मैदान थाना के एक अफसर को भी अटैच कर दिया गया है. शिकायत मिलते ही थाना स्तर पर कार्रवाई को करने कहा गया है. डीआईजी ने स्पष्ट किया है कि गर्ल्स सिक्योरिटी बूथ शहर के दूसरे गर्ल्स कॉलेज और स्कूलों में भी खोले जाएंगे. इसलिए सभी बूथ की जांच और मॉनिटरिंग करने का आदेश सभी डीएसपी को दिया गया है. हर डीएसपी सप्ताह में एक दिन अपने इलाके के कॉलेज—स्कूल में बने बूथ का जायजा लेने जाएंगे.

— मैसेज पहुंचते ही मिलेगी हेल्प
मौके पर मगध महिला कॉलेज में एक प्रोग्राम आर्गनाइज किया गया था. महिला सुरक्षा के उपर अपनी बातों को रखते हुए सेंट्रल रेंज के डीआईजी ने Sms मैसेजिंग सर्विस की शुरुआत करने की घोषणा की है. ये एक प्रकार का एप्प हो होगा. जिसे सिर्फ एक बार प्रेश करते ही प्रॉब्लम में फंसी लड़कियों को पुलिस की मदद मिल सकेगी. डीआईजी के अनुसार 10 दिनों के अंदर इस सुरक्षा एप्प को लांच किया जाएगा. अपनी बातों को रखते हुए डीआईजी ने कहा कि लड़कियों की सुरक्षा को लेकर इफेक्टिव कदम उठाये जाए रहे हैं.

– अंजान लोगों से बचने की दी सलाह
डीआईजी ने बढ़ते साइबर क्राइम और लड़कियों को झांसा देने वालों से बचने की भी सलाह दी है. उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल वर्ल्ड के साथ ही ऑनलाइन सिक्योरटी भी जरूरी है. लड़कियां कई बार अनजान व्यक्ति से इंटरैक्ट हो जाती हैं. फेसबुक और व्हाट्स एप्प जैसेे सोशल नेटवर्क की मदद से सोसल एलिमेंट्स अपने झांसे में उन्हें ले लेते हैं. लेकिन इन सब से भी बचना होगा. अनजान व्यक्ति से व्हाट्सए एप्प और फेसबुक पर बात न करें. कोई ज्यादा तंग करे तो उन्हें ब्लॉक करें दें. फिर भी तंग करे तो कॉलेज में बनाए गए सिक्योरिटी बूथ या थाना को खबर करें.
— मिलेगी सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग

अवांछित तत्त्वों को सबक सिखाने के लिए लड़कियों को इको पार्क में सेल्फ डिफेंस के लिए ट्रेंड किया जाएगा. डीआईजी ने घोषणा की है कि उनके एक्सपर्ट कॉलेज और स्कूल की लड़कियों को ट्रेंड करेंगे. हर दिन इको पार्क में सुबह 7 से 8 बजे और शाम 4 से 5 बजे सिखाया जायेगा. पूरी तरह से ये फ्री ट्रेनिंग होगी. कई टेक्निक्स सिखाये जाएंगे. वहीं सेल्फ डिफेंस का एक कैंप हफ्ते में दो दिन मगध महिला कॉलेज में भी आयोजित किया जाएगा.

— चूल्हा-चौका तक न रखें सीमित
स्टूडेंट्स् को अवेयर करते हुए डीआईजी ने कहा कि कम से कम पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई जरूर करें. पेरेंट्स मना करे तो उसका विरोध करें. लड़कियां खुद को चूल्हा और चौका तक ही खुद को सीमित नहीं रखें. अपना स्किल बढ़ाएं और आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनें. जहां दहेज की डिमांड हो वहां शादी न करें. लड़कियों को प्रोपर गाइड करने के लिए बुधवार से ट्रैफिक आॅफिस में गर्ल्स गाइडेंस सेंटर की शुरुआत होगी. जहां पुलिस के साथ ही बाहर के कई एक्सपर्ट रहेंगे. हर दिन दोपहर के 2:30 से 3:30 बजे तक ये सेंटर काम करेगा. सेंटर पर पहुंचकर गर्ल्स कुछ भी पूछ सकेंगी. सुरक्षा से लेकर पढ़ाई तक के लिए गाइड उन्हें गाइड किया जाएगा.

— कंप्लेन मिलने पर भी नहीं की थी कार्रवाई
सेंट्रल रेंज के डीआईजी की मौजूदगी में मगध महिला कालेज की प्रिंसिपल डॉक्टर शशि शर्मा ने अपनी बातों को रखा और सुरक्षा की खामियों के बारे में बताया. प्रिंसिपल ने कहा कि उनके कॉलेज में महिला पुलिस की जवान मिली तो हैं, लेकिन वो काम नहीं करती थीं. हमेशा मोबइल पर गेम खेलते हुए दिखती थीं. किसी भी अवांछित तत्व को कॉलेज कैंपस में जाने से रोकती नहीं थीं. कुछ दिन पहले ही तीन लड़के फोटो खींच रहे थे. जिसे प्रिंसिपल ने खुद रोका था. मामले की जानकारी उन्होंने गांधी मैदान थाना को कॉल दी थी. लेकिन लापरवाही का आलम ये रहा कि किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई. जिसके बाद मजबूरन एप्लीकेशन लिखवा कर लड़कों की जब्त बाइक को छोड़ना पड़ा. हालांकि ऐसे हालात आगे नहीं होंगे, इस बात का आश्वासन डीआईजी की तरफ से दी गई है.

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