सहरसा में चार फर्जी सिपाही हुए गिरफ्तार, स्कॉलर के सहारे लिखित परीक्षा में पाई थी सफलता

सहरसा, मनीष सिंह : लिखित व शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल होने के बाद पुलिस लाइन में योगदान देने पहुंचे चार सिपाही अभ्यर्थी फर्जी पाए गए. योगदान देने के दौरान अभ्यर्थियों का हस्ताक्षर व हस्तलिपि मिलान गलत पाया गया. पूछताछ के दौरान चारों अभ्यर्थियों ने फर्जीवाड़ा की बात स्वीकार कर ली. जिसके बाद चारों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया और प्राथमिकी दर्ज की जा रही है.

पूर्व कागजात की जांच व विस्तृत पूछताछ की गई

जानकारी के अनुसार केंद्रीय चयन पार्षद सिपाही भर्ती परीक्षा के माध्यम से सहरसा जिला बल के लिए 71 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया और सिपाही पद पर नियुक्ति के लिए सूची, मूल आवेदन पत्र व शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र जमा लिया गया. शुक्रवार को पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय टीम में शामिल पुलिस उपा मुख्यालय रश्मि और प्रारक्ष पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार मेहरोत्रा द्वारा नियुक्ति पूर्व कागजात की जांच व विस्तृत पूछताछ की गई.

जांच के क्रम में मुगेंर जिले के परसा निवासी राजेश कुमार, खगड़िया जिले के बरहरा निवासी प्रीति कुमारी, भागलपुर जिले के कपसौना निवासी अमन कुमार और पटना जिले के हेमजापुर निवासी अनुज कुमार का हस्ताक्षर, हस्तलिपि का मिलान मूल आवेदन पत्र पर किये गये हस्ताक्षर से भिन्न पाया गया.

संदेह बढ़ने पर जब चारों अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई तो चारों ने लिखित व शारीरिक दक्षता परीक्षा में स्कालर के सहयोग से सफल होने की बात स्वीकार किया. बाद में चारों अभ्यर्थियों से लिखित परीक्षा व पूछे गए प्रश्नों और आवश्यक योग्यता से जुड़े प्रश्न किया गया तो इनकी योग्यता औसत से भी कम पायी गयी. जिसके बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि जांच में फर्जी पाए जाने पर प्रारक्ष डीएसपी के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

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