जाम से मुक्ति दिलाने के लिए गांधी सेतु पर फिर नया नियम, बालू-गिट्टी लदे ट्रकों की नो इंट्री

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लाइव सिटीज डेस्क : जब महात्मा गांधी सेतु का निर्माण हुआ था तब इस पुल की चर्चा देश दुनिया में बहुत रही थी. इसे एशिया का सबसे लंबा पुल के नाम से जाना जाता था. इसकी मिसाल दी जाती थी. और आज भी इसकी मिसाल दी जा रही है लेकिन आज इसका स्वरूप अलग है. लोग आज इस पुल के रास्ते जाने से कतराते है. आज भी इस पुल की चर्चा देश दुनिया में है लेकिन लंबे पुल के बजाय लंबे जाम से है. उत्तर और दक्षिण बिहार की लाइफ लाइन मानी जाने वाली गांधी सेतु को जाम से मुक्त करने के लिए कई ठोस निर्णय लिये गये हैं.

बालू-गिट्टी लदे ट्रकों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक

इसके तहत अब गांधी सेतु पर बालू-गिट्टी लदे ट्रकों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक होगी. इन ट्रकों को आरा-छपरा पुल या राजेंद्र सेतु से होकर गुजरना होगा. इसके अलावा गांधी सेतु के समानांतर पीपा पुल से भी अब चौबीस घंटे छोटे वाहनों के आवागमन को चालू कर दिया गया है. गांधी सेतु और जेपी सेतु पर सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था को बनाये रखने के लिए एक डीएसपी और दो इंस्पेक्टर की खासतौर से तैनाती की गयी है. इन दोनों पुलों पर जाम नहीं लगे, इसकी पूरी जिम्मेवारी संबंधित डीएसपी की होगी. मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने गांधी सेतु पर हमेशा सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था बनाये रखने के लिए विभागों और संबंधित जिलों के संयुक्त रूप से लिये गये ‘समेकित निर्णय’ को तुरंत लागू करने के आदेश जारी कर दिये हैं.

पटना, सारण और वैशाली जिलों के एसपी करेंगे कंट्रोल

पटना, सारण और वैशाली जिलों के एसपी को भी इन पुलों पर जाम नहीं लगने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को अपने-अपने क्षेत्रों में कंट्रोल करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. इन जिलों से अतिरिक्त संख्या में सिपाहियों की तैनाती भी पुलों को जाम से निजात दिलाने के लिए की गयी है. शिफ्ट में सिपाहियों की ड्यूटी लगायी जायेगी. गांधी सेतु पर ट्रैफिक व्यवस्था के सुचारु परिचालन की मॉनीटरिंग पुलिस मुख्यालय के स्तर पर एडीजी (मुख्यालय) एसके सिंघल भी करेंगे. इन दोनों पुलों पर जाम नहीं हो इसकी निरंतर रिपोर्ट भी एडीजी (मुख्यालय) को प्राप्त होती रहेगी. अगर इस व्यवस्था के बाद भी अगर किसी स्तर पर लापरवाही से जाम की स्थिति बनती है या बालू-गिट्टी लदे ट्रक गुजारे जाते हैं, तो संबंधित पदाधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

इससे पहले गांधी सेतु को जाम से मुक्त करने के लिए मुख्य सचिव ने वैशाली, सारण, पटना और भोजपुर जिलों के डीएम एवं एसपी के अलावा गृह, सड़क समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके उन्हें ‘समेकित निर्णय’ तैयार करने का टास्क सौंपा था. साथ ही इसे दो दिन के अंदर लागू करने के लिए भी कहा था.

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