जदयू का तंज : शहाबुद्दीन आजादी की लड़ाई में नहीं गए हैं जेल

shahabuddin

लाइव सिटीज डेस्क : सीवान के बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन इन दिनों काफी मुश्किल में हैं. दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया है कि तिहाड़ जेल में उनका उत्पीड़न किया जा रहा है. शहाबुद्दीन ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. कोर्ट ने इस पर बुधवार को सुनवाई की. कोर्ट ने जेल में बंद सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के मामले में तिहाड़ जेल के अधीक्षक को नोटिस भेजा है. इस पर जेल अधीक्षक को जवाब देना होगा. कोर्ट ने जवाब देने के लिए 27 अप्रैल तक का समय दिया है.

सुविधा न मिलने पर दिल्ली के तिहाड़ जेल में शहाबुद्दीन समेत करीब 80 विचाराधीन कैदियों की बेमियादी भूख हड़ताल कर लिया है. जिसको लेकर बिहार में खूब सियासत हो रही है. राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. पूर्व मंत्री और राजद नेता आलोक मेहता ने कहा कि वो एक पॉलिटिकल व्यक्ति हैं. तीन बार सांसद और विधायक रह चुके हैं. पॉलिटिकल व्यक्ति को जैसे जेल में रखा जाता है वैसे ही उनको रखना चाहिए.

सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की याचिका पर तिहाड़ के जेल अधीक्षक को नोटिस

उधर,  जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि सभी लोगों को जेल मैन्युअल को पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजद नेता शहाबुद्दीन को अदालत ने सजा मुकर्रर किया है. वो आजादी की लड़ाई में जेल नहीं गए हैं. पूर्व सांसद या विधायक होने का मतलब नहीं है. जेल मैन्युअल सभी के लिए है. नीरज ने कहा कि भारत में लोकतंत्र है और सभी याचिका दाखिल करने का अधिकार हैं. उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति परेशानी में हो तो अपने किये पर उसे विचार करना चाहिए.

मालूम हो कि तिहाड़ जेल में बंद 80 विचाराधीन कैदी पिछले तीन दिन से बेमियादी भूख हड़ताल पर हैं. इन कैदियों में आरजेडी के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन भी शामिल हैं. यह सभी हाई रिस्क वार्ड के कैदी हैं, जो तिहाड़ जेल और मंडोली जेल में बंद हैं.

बता दें, शहाबुद्दीन पर करीब 45 आपराधिक मामले दर्ज हैं. दो अलग-अलग घटनाओं में अपने तीन बेटे गंवा चुके चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू और आशा रंजन ने याचिका दायर कर राजद नेता को तिहाड़ जेल में रखने का आग्रह किया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया था.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*