पटना से भी टेक-ऑफ करेंगे जंबो जेट विमान, तैयारी में जुटा पटना एयरपोर्ट, कर रहा ये उपाय

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में बड़े विमानों की लैंडिंग एक समस्या है. कारण पटना एयरपोर्ट के रनवे का छोटा होना है. लेकिन, अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्दी ही यहां बड़े-बड़े जंबो जेट विमान लैंड व टेक-ऑफ करेंगे. यदि पटना एयरपोर्ट के रनवे को 400 मीटर बढ़ा दिया जाये और विमानों के लैंडिंग एप्रोच फनल में आने वाले 56 मीटर ऊंचे सचिवालय टावर की ऊंचाई 19 मीटर घटा दी जाये, तो यहां जंबो जेट भी उतर सकता है. 2472 मी के रनवे पर आईएलएस कैट वन के सहयोग से जंबो जेट और बड़े कार्गो विमान भी आसानी से उतर सकेंगे.

कई प्रस्ताव बनाये गये हैं

मुख्य सचिव के निर्देश पर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ एक माह से विकल्प खंगाल रहे हैं. कई प्रस्ताव बनाये गये हैं, जिनमें 400 मी रनवे विस्तार, आईएलएस कैट वन श्रेणी की एप्रोच लाइटें और लोकलाइजर इंस्टॉलेशन और लैंडिंग में बाधक बन रहे सचिवालय टावर की लंबाई घटाना शामिल है. सचिवालय टावर के हेरिटेज भवन होने की वजह से यदि सरकार ऊंचाई घटाने के प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं देती है, तो प्लान बी के रूप में पटेल गोलंबर और चितकोहरा फ्लाईओवर की तरफ रनवे के विस्तार का प्रस्ताव है.

कई भवनों को स्थानांतरित करना पड़ेगा

400 मी विस्तार के लिए क्षेत्र में हज भवन से कुछ पहले तक की जगह की जरूरत पड़ेगी. लिहाजा फ्लाईओवर और पटेल गोलंबर समेत इस क्षेत्र के कई भवनों को स्थानांतरित करना पड़ेगा. इससे चितकोहरा फ्लाईओवर से राजेंद्र चौक की ओर जाने वाली सड़क का मार्ग भी अवरुद्ध हो जायेगा, जिसे अंडरग्राउंड पास बना कर चालू रखने की योजना है. एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2072 मी है. पूर्वी छोर की तरफ से लैंड करने पर 56 मी ऊंचा सचिवालय टावर एप्रोच फनल में आ जाता है, जिससे विमानों के डैने टकराने की आशंका रहती है. इससे केवल 1950 मी रनवे का इस्तेमाल होता है.

सचिवालय टावर की ऊंचाई को 19 मी घटाया जाये, तो विमानों के लैंडिंग एप्रोच फनल में यह टावर नहीं आयेगा और रनवे का पूरा इस्तेमाल होगा. पश्चिमी छोर से लैंडिंग के समय रेलवे लाइन बाधक बनती है. इससे केवल 1676 मी रनवे का इस्तेमाल हो पाता है. निदान के लिए टर्मिनल भवन की तरफ 80 मी रनवे को शिफ्ट करने का प्रस्ताव है. जू या हज भवन की तरफ 400 मी विस्तार के बाद रनवे की लंबाई 2472 मी हो जायेगी और इस्तेमाल लायक रनवे 1.26 गुना हो जायेगा. साथ ही, एप्रोच लाइट और लोकलाइजर लगाने के लिए भी पर्याप्त जगह मिल जायेगी. इससे पटना एयरपोर्ट पर कैटेगरी वन के इंस्ट्रुमेंट लैंडिंग सिस्टम का इन्स्टॉलेशन पूरा हो जायेगा.

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