बिहार को मिलेगा पटना-दिल्ली एक्सप्रेस वे, आज परिवहन मंत्री CM से करेंगे मुलाकात

प्रतीकात्मक तस्वीर

लाइव सिटीज डेस्क : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मुलाकात कर रहे हैं. यहां वह पटना से दिल्ली के लिए सुपर हाइवे बनाने और उसके एलयनमेंट की चर्चा करेंगे साथ ही गंगा की निर्मलता और अविरलता से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करेंगे. इसके साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के गति की भी समीक्षा होगी. इस मुलाकात में पटना-दिल्ली एक्सप्रेस वे के एलायनमेंट पर भी बात होनी है.

नितिन गडकरी के साथ नीतीश कुमार की ये मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे मुलाकात के बाद बिहार के सडकों कि कायाकल्प होगी. इस मुलाकात में रोड सेक्टर में राज्य सरकार कई नए प्रोजेक्ट के प्रस्ताव पर बात करेगी. इनमें रजौली-बख्तियारपुर सड़क को बख्तियारपुर-ताजपुर पुल से जोड़कर इसे आगे एनएच से जोडऩे का प्रस्ताव एक प्रमुख प्रस्तावों में शामिल है. इसे भारतमाला शृंखला में शामिल किए जाने का प्रस्ताव भी राज्य सरकार के स्तर से दिया जाएगा. भारतमाला शृंखला में शामिल नई सड़कों के एलायनमेंट पर भी बात होनी है. ‘समान काम, समान वेतन’ : सुप्रीम कोर्ट से बिहार सरकार को फटकार, चीफ सेक्रेट्री से रिपोर्ट तलब

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गौरतलब है कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कुछ माह पहले सैद्धांतिक रूप से राज्य उच्च पथ की कुछ सड़कों को एनएच में अपग्रेड किए जाने पर अपनी सहमति दी थी. इस सूची को पथ निर्माण विभाग ने संशोधित किया है. इस मसले पर बात होगी. इसके अतिरिक्त बक्सर में चौसा के पास गंगा नदी पर पुल पर भी चर्चा संभव है.

बता दें कि राज्य सरकार ने भागलपुर स्थित बिक्रमशिला सेतु के समानांतर एक नए फोर लेन पुल के निर्माण का फैसला लिया है. यह प्रस्ताव है कि केंद्र सरकार इस पुल के निर्माण की राशि उपलब्ध कराए. दीघा-सोनपुर पुल के समानांतर नए पुल के निर्माण योजना को अब पटना रिंग रोड के एलायनमेंट का हिस्सा बना दिया गया है. इस पर भी चर्चा होगी.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले वर्ष अक्टूबर में चार योजनाओं का शिलान्यास किया था. इसकी लागत 738.4 करोड़ रुपये है. बिहार में नगर विकास विभाग की देखरेख में इन योजनाओं पर काम हो रहा है. इसके अलावा नमामि गंगे प्रोजेक्ट का भी जायजा लिया जाएगा. गडकरी गंगा की अविरलता और निर्मलता से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा करेंगे. फरक्का बराज की वजह से गंगा में गाद बिहार का बड़ा मुद्दा है. इसके साथ ही कई योजनाओं की स्वीकृति के विषय पर भी चर्चा होगी.

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