बाबा रामदेव ने गया की मुस्लिम छात्रा को बनाया अपना ब्रांड एंबेसडर, ज्यादा लोग जुड़ेंगे योग से

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लाइव सिटीज डेस्क : योग गुरू बाबा रामदेव अभी बिहार आये हुए हैं. पटना में लालूप्रसाद को योग मंत्र और तेजप्रताप तथा ऐश्वर्या को शादी की बधाई दी. पटना के बाद वे बुद्ध नगरी गया गए. यहां बाबा रामदेव ने गया के मिर्जा गालिब कॉलेज की बीएम पार्ट-1 की छात्रा ओमा फातिमा को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है. ओमा फातिमा मुस्लिम समाज में योग के प्रति जागरूगता बढ़ाने का काम करेंगी. उनका उद्देश्य है कि हर धर्म संप्रदाय के लोग योग से जुड़े.

मुस्लिम समाज में योग के प्रति जागरूगता

गया के गांधी मैदान में तीन दिवसीय योग चिकित्सा एवं ध्यान शिविर के समापन के बाद बाबा रामदेव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ज्ञान और मोक्ष की भूमि की यात्रा उनके लिए काफी यादगार रही और वह उम्मीद करते हैं कि यहां के लोग पहले से ज्यादा संख्या में योग से जुड़ेगें. बाबा रामदेव ने योग से जुड़ने के लिए मुस्लिम छात्रा ओमा फातिमा को मंच से सम्मानित किया और उन्हें मुस्लिम समाज में योग के प्रति जागरूगता बढ़ाने का जिम्मा सौंपा.

योग किसी खास धर्म से जुड़ा नहीं है

इस अवसर पर ओमा फातिमा ने कहा कि योग से जुड़ने को लेकर परिवार का सहयोग मिला है, पर समाज के कुछ चुनिंदा लोगों को उनका योग से जुड़ना अच्छा नहीं लगा. ओमा फातिमा ने कहा कि वह सबको समझाने का प्रयास कर रही हैं कि योग किसी खास धर्म से जुड़ा नहीं है, बल्कि स्वस्थ रहने का एक माध्यम है. उन्होंने कहा, ‘हर कोई योग से जुड़ सकता है और योगाभ्यास करके स्वस्थ रह सकता है.’ फातिमा ने बतया कि वह योग से पीजी करना चाहती है. बाब रामदेव ने उन्हें ‘पतंजली योग संस्थान’ से नि:शुल्क पीजी कराने का आश्वासन दिया है.

इससे पहले नालंदा में योग गुरु स्वामी रामदेव ने मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा योग का विरोध किए जाने पर कहा कि ‘योग हमारे पुरखों की पद्धति है.’ साथ ही उन्होंने कहा कि ‘हिंदू और मुस्लिम दोनों के पूर्वज एक हैं. उन्हें पुरखों के ज्ञान का अनादर नहीं करना चाहिए.’ बिहार शरीफ के योग शिविर में भाग लेने पहुंचे योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि ‘योग में कोई तंत्र-मंत्र और षड्यंत्र नहीं है. योग में किसी प्रकार का मजहबी पूजा-पाठ नहीं होता है.’

रामदेव ने कहा कि बिहार अध्यात्म और राष्ट्रवाद की भूमि है. नालंदा जो सभ्यता संस्कृति का सबसे बड़ा केंद्र है, वहां पहली बार योग शिविर आयोजित हो रहा है. उन्होंने कहा कि गया जहां लोग तर्पण करते हैं. साधु सन्यासी तो जीते जी अपना सबकुछ तर्पण कर देते हैं. गया में भी शिविर करेंगे, जिससे लाखों लोगों को आरोग्य लाभ मिलेगा.

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