लाइव सिटीज डेस्क : सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर महाभियोग का प्रस्ताव उप राष्ट्रपति वैंकया नायडू ने ख़ारिज कर दिया है. लेकिन इस पर घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस जितना आरोप लगा रहा है, सरकार की तरफ से उतना ही रिएक्शन आ रहा है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी कांग्रेस के महाभियोग प्रस्ताव पर कमेंट किया है. उन्होंने ट्विटर पर कई ट्वीट किये. उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस ने 1950 से 1977 तक मात्र 27 साल के दौरान संविधान में 42 संशोधन कराएं. उसकी मूल भावना से छेड़छाड़ की और विपरीत फैसला देनेवाले न्यायाधीशों को अपमानित किया.

जली हुई रस्सियों में बचा ऐंठन का निशान है महाभियोग प्रस्ताव का हठ

उन्होंने आगे लिखा है कि कभी पूरे देश पर राज करनेवाली पार्टी अब चंद राज्यों में सिमट गयी है. फिर भी प्रतिकूल फैसले पर तेवर दिखाने की प्रवृत्ति नहीं गयी. कांग्रेस की संगत में राजद ने भी कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देना सीखा. सत्ता की जली हुई रस्सियों में बचा ऐंठन का निशान है महाभियोग प्रस्ताव का हठ.

देश पर आपातकाल थोप कर क्या संविधान की रक्षा की गयी थी

मोदी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि इंदिरा गांधी ने केशवानंद भारती केस में प्रतिकूल फैसला आने पर सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों की वरिष्ठता का अतिक्रमण कर जस्टिस एएन राय को मुख्य न्यायाधीश बनवाया था. जो पार्टी अपने अनुकूल निर्णय न देने पर न्यायपालिका का गला दबाती रही, उसके अध्यक्ष राहुल गांधी को संविधान बचाओ अभियान शुरू करने से पहले अपनी दादी की करनी जान लेनी चाहिए थी. राहुल बताएं कि देश पर आपातकाल थोप कर क्या संविधान की रक्षा की गयी थी.

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