‘झांसा कुमार ने विकास नहीं विनाश और सत्यानाश किया है’

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर ‘विकास समीक्षा यात्रा’ करने वाले हैं लेकिन उनकी यात्रा से पहले ही सूबे में यात्रा-पदयात्रा की सियासत एक बार फिर शुरू हो गयी. राजद चीफ लालू प्रसाद के बेटे व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राजद के हल्ला बोल कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे.

बताया जा रहा है कि अस्वस्थ होने के कारण राजद के हल्ला बोल पदयात्रा सह धरना में शामिल नहीं होंगे. हालांकि, तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री विकास यात्रा पर निकल रहे हैं. उन्होंने विकास नहीं विनाश और सत्यानाश किया है. हम उनकी पोल खोलेंगे. आपको समझ में आयेगा, ये कितने बड़े झांसा कुमार हैं.



नीतीश जी मंगलवार से चंपारण के कटैया में विकास यात्रा के क्रम मे समीक्षा करेंगे, जहां उन्होंने 2009 में उप-स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास किया था, दुबारा उसका शिलान्यास इनके एक मंत्री ने किया, अब मंगलवार को फिर नीतीश जी आठ साल में तीसरी बार उसका शिलान्यास करेंगे, जहां आठ साल में एक फूटी ईंट तक नहीं लगी. वाह…

तेजस्वी यादव ने संघ पर भी निशाना साधते हुए नीतीश कुमार को घेरा है. उन्होंने कहा कि संघ के इशारे पर बापू की छवि को धूमिल करने के लिए नीतीश जी हर विनाश की शुरुआत चंपारण से ही करते है।जनता के मैंडेट पर डकैती डालने वाला बापू का अनुयायी बनने की कोशिश कर लोगों को झाँसा देना चाहता है।

बता दें कि राजद की हल्ला बोल पदयात्रा राजद कार्यालय से चलकर कारगिल चौक तक जायेगी. उसके बाद धरना दिया जायेगा. जानकारी के मुताबिक, पार्टी के कई बड़े नेता धरने पर बैठने के लिए पहुंच चुके हैं. बालू एवं गिट्टी को लेकर नीतीश सरकार पर गलत नीतियों का आरोप लगाते हुए राजद ने पदयात्रा सह धरने का कार्यक्रम आयोजित किया है.

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इस संबंध में प्रदेश प्रवक्ता चिरंजन गगन का कहना है कि बालू और गिट्टी को लेकर जनता को परेशानी हो रही है. मजदूर बेरोजगार हो गये हैं. इसलिए राजद ने जनप्रदर्शन का निर्णय किया है. प्रदेश प्रवक्ता चिरंजन गगन के मुताबिक, पदयात्रा में मजदूरों से अपने व्यवहार में लानेवाले सामान लेकर शामिल होंगे.

तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यात्रा के बाद वह खुद मकर संक्रांति के बाद सूबे की यात्रा पर निकलेंगे और लोगों को राज्य में ठप पड़े विकास कार्यों की जानकारी देंगे. मालूम हो कि तेजस्वी यादव इससे पहले अगस्त और सितंबर माह में ‘जनादेश अपमान यात्रा’ और ‘सृजन यात्रा’ पर निकल चुके हैं.