‘हमें काहे पीड़ा होगी, चिंता तो नरेंद्र मोदी व पलटूराम को हो रही है’

लाइव सिटीज डेस्क : चारा घोटाला मामले में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके परिवार की नज़रें 23 दिसंबर को आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं. आने वाला फैसला क्या होगा, इस पर उनकी फैमिली के साथ साथ मीडिया और तमाम नेताओं की निगाहें भी टिकी हुई हैं. इस मामले में लालू प्रसाद का कहना है कि ‘मुझे जेल भेजने की साजिश हो रही है. लालू न तो डरता है और न ही खिलाफत छोड़ेगा. अब हमारी लड़ाई नीतीश से नहीं बीजेपी से है.’

इसे लेकर रविवार को मीडिया ने लालू प्रसाद के पुत्र तेजप्रताप यादव को घेरा. उन्होंने मीडिया के सवालों को काफी तरीके से जवाब दिया. पूर्व हेल्थ मिनिस्टर तेजप्रताप यादव ने कहा कि 23 दिसंबर को आने वाले फैसले को लेकर मैं परेशान नहीं हूं. तनाव को लेकर उनसे पूछे जाने पर तेजस्वी ने दो टूक कहा कि ‘तनाव में हम नहीं हैं, हम तनाव में काहे रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि हमें न्याय और भगवान पर पूरा भरोसा है. मैं और मेरा परिवार हर परिस्थिति से निबटने को अच्छे से तैयार हैं.



तेजप्रताप ने दो टूक कहा कि वो बचपन से ही ऐसे मामलों को लगातार देख रहे हैं. राजद का कार्यक्रम लगातार जारी है. ​राजद व बिहार के लोग ही हमारे परिवार हैं. ऐसे में किसी बात को लेकर न तो राजद और न ही मेरे परिवार में किसी तरह की चिंता है. भगवान मेरे परिवार के साथ हैं. हम किसी से डरने वाले नहीं हैं.

तेज प्रताप यादव (फाइल फोटो)

उन्होंने मीडिया से बात करने के दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसने से भी नहीं चूके. चारा घोटाला में विरोध फैसले आने पर किसी तरह की पीड़ा के संबंध में पूछे जाने पर तेजप्रताप यादव ने कहा कि हमें क्यों पीड़ा होगी. पीड़ा तो नरेंद्र मोदी व पलटू राम को होगी. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने हमेशा गरीबों की आवाज को उठाने का काम किया है. उन्होेंने यह भी कहा कि पलटू राम मेरे परिवार को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. मालूम हो कि 23 दिसंबर को चारा घोटाले के देवघर से जुड़े मामले में फैसला आने वाला है. इसमें मुख्य आरोपियों में लालू प्रसाद भी शामिल हैं.

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बता दें कि 13 दिसंबर को चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में सुनवाई पूरी हो गयी है. रांची सीबीआई कोर्ट में अब 23 दिसंबर को फैसले के बिंदु पर सुनवाई होनी है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में चारा घोटाला मामले को लेकर इसी साल मई में बड़ी सुनवाई हुई थी. 8 मई को हुई सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई करने के लिए सीबीआई से कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि नौ माह के अंदर चारा घोटाला मामलों पर सुनवाई पूरी हो. इसके बाद रांची सीबीआई कोर्ट में युद्धस्तर पर हर सप्ताह सुनवाई हो रही है.