बिहार में ठण्ड ने दी दस्तक, 31 अक्टूबर के बाद तेजी से गिरेगा तापमान

पटना : अमूमन माना जाता है कि दिवाली और छठ के बाद से ठण्ड दस्तक देना शुरू कर देता है. और अब इसकी आमद महसूस भी होने लगी है. बिहार के ज्यादातर जिलों में छठ के दिन शुक्रवार की सुबह घना कोहरा रहा. इस कारण देर से सूर्य के दर्शन हुए. मौसम विभाग के अनुसार 29 अक्टूबर तक सुबह कोहरा छाया रहेगा. धूप थोड़ी देर से निकलेगी. मौसम विभाग द्वारा बताया जा रहा है कि 31 अक्टूबर के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं.

बात अगर राजधानी पटना कि करें तो यहां शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम रहा. गया का अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री और न्यूनतम 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा.

शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. शुक्रवार को भागलपुर का अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री और न्यूनतम 20.3 डिग्री सेल्सियस रहा। पूर्णिया का अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम 20.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

बिहार में हवा का पैटर्न बार-बार बदल रहा है. ऊपरी पछुआ हवा के कारण तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है. वहीं निचले स्तर में पुरवैया हवा के कारण तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है. दिनभर तेज धूप के बाद शाम में तापमान तेजी से गिर रहा है. इसी कारण कोहरा छाने लगा है. हालांकि पश्चिम विक्षोभ का असर अब भी बिहार तक नहीं पहुंच पा रहा है.

पटना के मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि रविवार को राजधानी सहित प्रदेश भर में हल्की बारिश की संभावना है. बिहार से मणिपुर तक ट्रफ बने होने के कारण प्रदेश में आर्द्रता अब भी 80 फीसदी तक बनी हुई है. अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री तक ऊपर चले जाने के कारण बारिश के आसार बन रहे हैं.

राजधानी सहित बिहार के ज्यादातर शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच रहा है. शुक्रवार को 16.3 डिग्री के साथ गया का न्यूनतम तापमान सबसे कम रिकॉर्ड किया गया है. गुरुवार को पटना का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री पर पहुंच गया था. लेकिन, सुबह में छाए कोहरे और धुंध के कारण पटना का न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री पर पहुंच गया. इसी कारण रात के वक्त ठंड की अनुभूति होने लगी है.

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बोल की लब आज़ाद हैं तेरे, बोल जबां अब तक तेरी है

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