खुशखबरी : अब सरोगेट मदर और बच्चा गोद लेने पर भी मिलेगा मैटरनिटी लीव

लाइव सिटीज डेस्क: संविदा पर तैनात महिला कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. अब उन महिलाओं को भी मैटरनिटी लीव मिलेगा जो बच्चा गोद लेंगी. अगर महिला कर्मचारी तीन माह से कम उम्र का बच्चा गोद भी लेती है तो वह मातृत्व अवकाश लेने की हकदार होगी. इतना ही नहीं, सरोगेट मदर को भी यह लाभ मिलेगा. फर्क सिर्फ इतना होगा कि गोद लेने वाली और सरोगेट मदर को 12 सप्ताह की छुट्टी मिलेगी. सामान्य मामलों में महिला कर्मचारी को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलेगा.

क्या होगा नियम

अनुमानित प्रसव तिथि के पहले आठ सप्ताह तक का अवकाश मान्य होता है. शेष 18 सप्ताह का अवकाश शिशु के जन्म के बाद मान्य होगा. दो बच्चों के बाद सिर्फ 12 सप्ताह के लिए अवकाश मिलेगा. छह सप्ताह अनुमानित प्रसव तिथि के पहले और छह सप्ताह शिशु जन्म के बाद. विभिन्न विभागों में संविदा पर तैनात कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर सुविधाएं देने की अनुशंसा उच्चस्तरीय समिति ने की थी, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकृति दे दी है. सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में संकल्प जारी कर दिया है. इसमें मातृत्व अवकाश का भी प्रावधान किया गया है.

उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसा के मुताबिक अधिनियम के तहत किसी प्रतिष्ठान में 50 से अधिक महिला कर्मचारी काम करती हैं तो प्रतिष्ठान के आसपास पालना घर का इंतजाम होगा. महिला कर्मचारी अपने बच्चे की देखभाल के लिए काम के दौरान चार बार बच्चों से मिल सकती हैं. नियोक्ता का यह कर्तव्य होगा कि वह प्रत्येक महिला कर्मचारी की नियुक्ति के समय मातृत्व अवकाश के लाभों से अवगत करायेगा.

विश्व के अलग- अलग देशों में मातृत्व लाभ की क्या स्थिति है?

दुनिया के कई देशों में मातृत्व लाभ के लिए अलग-अलग फंडिंग मॉडल लागू किए गए हैं. 2014 में आईएलओ ने 2014 में 185 देशों में लागू प्रावधानों का अध्ययन किया था. इसके मुताबिक 25 फीसदी देशों में मातृत्व लाभ नियोक्ताओं द्वारा चुकाया जाता है. इनमें पाकिस्तान, नाइजीरिया और केन्या जैसे देश शामिल हैं.

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इसके अलावा 58 फीसदी देश जिनमें ऑस्ट्रेलिया और नार्वे शामिल हैं, गर्भवती महिलाओं को नकद लाभ मुहैया कराते हैं. 16 फीसदी देशों में नियोक्ता और सरकार दोनों मिलकर मातृत्व लाभ देते हैं. उधर, अमेरिका में महिला कामगारों को 12 हफ्ते की छुट्टी देने के अलावा वित्तीय लाभ का कोई प्रावधान नहीं है. ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में अन्य देशों की तुलना में सबसे अधिक 52 हफ्ते का मातृत्व अवकाश दिया जाता है.