बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर संकट, डॉक्टरों ने किया हड़ताल का एलान

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प्रतीकात्मक फोटो

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने का अंदेशा है. बिहार सरकार द्वारा संविदा पर बहाल MBBS डॉक्टरों ने एक बार फिर हड़ताल का एलान किया है. इन डॉक्टरों ने अपनी मांगें पूरी न होने की वजह से बिहार सरकार को अभी अल्टीमेटम दिया है. अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो अगले माह 20 अप्रैल से सभी संविदा वाले डॉक्टर बेमियादी हड़ताल करेंगे. डॉक्टरों की इस प्रस्तावित हड़ताल से स्वास्थ्य महकमे में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है.

मिली जानकारी के अनुसार बिहार में संविदा पर बहाल MBBS डॉक्टर अपनी सेवा स्थायी करने की मांग लम्बे समय से कर रहे हैं. उनका आरोप है कि विभाग के मंत्री और अधिकारियों तक को इस बारे में पहले अवगत कराया गया है, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई है. डॉक्टरों के संगठन के प्रतिनिधियों ने मीडिया को बताया है कि उन्होंने अपनी मांग सरकार के सामने पहले भी रखी है, लेकिन सरकार इस पर बस आश्वासन दे रही है. कोई ठोस कार्रवाई की पहल नहीं की जा रही है. Video : समझ लें लालू प्रसाद की बीमारी को, इससे बचने के उपाय बता रहे हैं डॉक्टर तेजस्वी…

बताया जा रहा है कि इस प्रस्तावित हड़ताल के दौरान सूबे के अस्पतालों के OPD और इमरजेंसी सेवाएँ भी बाधित रहेंगी. बिहार में अभी संविदा पर करीब 800 डॉक्टरों की बहाली की गई है. ये काफी समय से खुद की सेवा स्थाई करने की मांग करते रहे हैं.

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मालूम हो कि बीते साल दिसम्बर माह में भी संविदा डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मचारियों के अनिश्चित कालीन हड़ताल की वजह से सूबे में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी. इसका सबसे खासा असर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर देखने को मिला था. इसका सबसे बड़ा नुकसान PMCH में देखने को मिला था.

इससे पहले बिहार सरकार ने दिसम्बर माह में ही एलान किया था कि संविदा डॉक्टर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के मानदेय में 15 से 18 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है. इस प्रस्ताव को वित्त विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इस मानदेय वृद्धि में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को आधार बनाया जाएगा. वृद्धि का लाभ इसी वित्तीय वर्ष में मिलने की संभावना है.

नया मानदेय लागू होने से संविदा के रिक्त पदों के भरने की उम्मीद जगेगी. अभी तक संविदा के सभी रिक्त पदों को नहीं भरा जा सका है. स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी, 2017 में ही निर्णय लिया था कि जब तक इन पदों पर नियमित बहाली नहीं हो जाती है तब तक संविदा पर बहाली होगी, ताकि अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों का काम बाधित न हो. लेकिन वेतन कम होने के कारण सभी पद नहीं भरे जा सके हैं.

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