Follow up : बिहार के मंत्री मुकेश सहनी को यूपी पुलिस ने वाराणसी एयरपोर्ट से ही लौटा दिया, भेज दिया गया कोलकाता

लाइव सिटीज, पटना : बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी की यूपी सरकार ने भारी बेइज्जती कर दी. यूपी की योगी सरकार की पुलिस ने वाराणसी एयरपोर्ट से बाहर तक नहीं निकलने दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस तक नहीं करने दिया. इतना ही नहीं, घंटों ‘नजरबंद’ करके रखा गया. इसके बाद अभी-अभी स्टेट प्लेन से कोलकाता भेज दिया गया. वहीं, वाराणसी में घटना का विरोध करने वाले उनके समर्थकों को पुलिस ने जमकर धो दिया.

दरअसल, यूपी की सियासत में मंत्री मुकेश सहनी को लेकर तीन-चार दिनों से हलचल मची हुई थी. वीआईपी पार्टी की ओर से वाराणसी में पूर्व सांसद फूलन देवी का शहादत दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन होना था. मुकेश सहनी उस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे. इसके बाद वे पत्रकारों को संबोधित भी करते. इसे लेकर बनारस (वाराणसी) में होर्डिंग भी लगाये गये थे. लेकिन, गुरुवार से ही पुलिस एक्शन में आ गई. उसने सबसे पहले फूलन देवी की मूर्तियों को जब्त किया. इसके बाद मुकेश सहनी के पोस्टर व होर्डिंग को नोच दिया.

यूपी पुलिस ने असली सख्ती आज रविवार को उस समय दिखाई, जब मंत्री मुकेश सहनी वहां पहुंचे. लगभग 2020 बजे वे वाराणसी के लालबहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें ‘नजरबंद’ कर लिया. एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया. एयरपोर्ट के लाउंज में ही पुलिस ने रोक लिया. शाम करीब साढ़े चार बजे इंडिगो एयरलाइंस से कोलकाता भेजा गया. हालांकि, यूपी पुलिस चाहती थी कि मुकेश सहनी दिल्ली लौट जाएं, लेकिन वे लौटने को तैयार नहीं थे. फिर उन्हें कोलकाता भेज दिया गया.

दूसरी ओर शहादत कार्यक्रम के रद्द किये जाने और होर्डिंग व पोस्टर को हटाए जाने के विरोध में वीआईपी पार्टी के नेता से लेकर कार्यकर्ता तक गुस्से में आ गए. वे विरोध करने लगे. तब पुलिस ने विरोध करने वाले लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया और उन्हें पीटा भी. गौरतलब है कि मुकेश सहनी की पार्टी बिहार में एनडीए सरकार में शामिल है. लेकिन उनकी पार्टी यूपी में अलग से चुनाव लड़ने की घोषणा कर रखी है. साथ ही वीआईपी पार्टी यूपी में शहादत दिवस पर फूलन देवी की प्रतिमा स्थापित करना चाहती थी. इसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मंत्री मुकेश सहनी वाराणसी गए हुए थे. अब देखना दिलचस्प होगा कि मुकेश सहनी कोलकाता से सीधे पटना आते हैं या दिल्ली जाते हैं? बहरहाल, यूपी की इस घटना के बाद से बिहार की सियासत में भी हलचल मच गई है.