जानिए बिहार के मंत्री जी की पीड़ा, तीन-चार को छोड़ सभी कहने को हैं मंत्री, हमें कौन सुनता है

लाइव सिटीज (अभिषेक आनंद) : संडे को नई दिल्‍ली में बिहार सरकार के एक मंत्री जी मिले. महत्‍वपूर्ण विभाग के मंत्री हैं. जदयू के ही हैं. नाम खोलना ठीक नहीं रहेगा. कारण कि जो बताना है, नाम खोल देंगे, तो मंत्री पद की नौकरी देने वाले नीतीश कुमार तुरंत छुट्टी कर देंगे. मंत्री जी से मुलाकात पहले से तय नहीं थी. किसी दूसरे के बंगले पर मिल गए थे. जान-पहचान के बाद बहुत जल्‍द खुल गए. मन की बात कहने लगे. अब समझने में देर नहीं लगी कि मंत्री जी बहुत फ्रस्‍ट्रेशन में हैं. बताते गए कि बिहार के सभी मंत्रियों की स्थिति ऐसी ही है.

मंत्री जी मन की बात बताते जा रहे थे. कह रहे थे कि बिहार में तीन-चार मंत्रियों को छोड़ सभी कहने को मंत्री हैं. कोई सुनता नहीं. सबों के साथ विभाग में अधिकारी ऐसे लगे हैं, जो अपने विभाग के मंत्री को भाव देते ही नहीं हैं. सीधे, ऊपर रिपोर्ट करते हैं. क्‍या करना है और क्‍या नहीं करना है, यह भी ऊपर से ही प्रधान सचिव को बता दिया जाता है. सभी प्रधान सचिव खुद को मंत्री से ऊपर समझते हैं.

बड़े बंगले पर जाते वक्‍त पहन लेते हैं गंदी शर्ट

मंत्री जी अपने विभाग के प्रधान सचिव की कहानी बयां करते जा रहे थे. कहा, मेरा प्रधान सचिव स्‍वयं को सुपर मिनिस्‍टर मात्र ही नहीं समझते हैं. बहुत ऊपर समझते हैं. सीधे बड़े बंगले पर जाते हैं. हैसियत सिर्फ मेरे विभाग को ही नहीं, दूसरे विभागों को भी डिक्‍टेट करने की है. कौन उनकी बात उठा देगा.

अब मंत्री जी ने बताया कि उनके प्रधान सचिव का क्‍या-क्‍या किस्‍सा है. बोले, सब कुछ करते हैं. बहुत अकूत है. पर, अपने को पेश ऐसे करते हैं कि उनके पास तो कुछ है ही नहीं. जब बड़े बंगले पर जाना हो, तो कभी गंदी तो कभी फटी शर्ट पहन लेंगे. बड़े साहब को लगेगा कि ऐसा तो कोई दूसरा है ही नहीं.

बात बिगड़ती है तो निशाने पर मंत्री आते हैं

मंत्री जी ने बताया – देखिए न, मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम मामले का जब भांडा फूटा, तो मंत्री मंजू वर्मा की बलि चढ़ गई. सीबीआई भी पहुंच गई. संलिप्‍तता है तो सजा मिलेगी ही. जरुर मिले. पर, विभाग के उन अधिकारियों का क्‍या हो रहा है, जो सीधे ब्रजेश ठाकुर को लाभ पहुंचा रहे थे. अभी सभी बचे ही तो हैं.

ठीक ऐसा ही हाल पटना आसरा होम के मामले में है. मनीषा दयाल से कनेक्‍शन वाले अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हो रही है क्‍या. मीडिया भी सिर्फ नेताओं को ही टारगेट कर लेता है, सीधा लाभ पहुंचाने वाले को देखता ही नहीं है.

परवीन अमानुल्‍लाह ने भी ऐसा ही कहा था

दिल्‍ली में मिले बिहार सरकार के मौजूदा मंत्री जी की तरह ही पटना में समाज कल्‍याण विभाग की पूर्व मंत्री परवीन अमानुल्‍लाह ने भी कुछ कहा था. परवीन अमानुल्‍लाह भारत सरकार के रिटायर्ड वरिष्‍ठ आईएएस अफजल अमानुल्‍लाह की पत्‍नी हैं. अफजल इन दिनों बिहार में रेरा के अध्‍यक्ष हैं.

परवीन अमानुल्‍लाह ने कहा था कि जब वे मंत्री थीं, तब भी अधिकारी लॉबी मंत्री की बातों को ठीक से नहीं सुनता था. सही बात पर भी एक्‍शन नहीं लेते थे और मनमर्जी की कोशिश करते थे. लेकिन इसके साथ ही परवीन अमानुल्‍लाह ने यह भी कहा था कि मैंने अपने मंत्रित्‍वकाल में सदैव गलत का विरोध किया और जब बात नहीं बनी तो बाद में इस्‍तीफा दे दिया.

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