शराबबंदी से बिहार के 14 होम्योपैथिक दवा कारखाने हुए झारखंड शिफ्ट…!

सहरसा (मनीष सिंह) : बीएनएम होम्योपैथिक मेडिकल कालेज परिसर में कोसी होम्योपैथिक समागम का उद्घाटन केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के अध्यक्ष डॉ. रामजी सिंह, केन्द्रीय होम्योपैथिक परिषद शिक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एमके सहनी, बीएनएम मंडल होम्योपैथिक मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. उपेन्द्र प्रसाद यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस मौके पर अपने संबोधन में डाॅ. रामजी सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा देशी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया गया.

संकट में दवा उद्योग

अध्यक्ष राम जी सिंह ने बताया कि आयुष मंत्रालय के गठन के बाद नेशनल आयुष मिशन बनाया गया और देश के सभी राज्यों को राज्य आयुष मिशन स्थापित करने के लिए फंड जारी किया. इसके लिए बिहार सरकार को भी 55 करोड़ रुपये का फंड दिया गया लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है. अब रूपया वापस लौटने की आशंका बन रही है.

शराबबंदी ने किया बड़ा नुकसान

उन्होंने कहा कि बिहार में 14 दवा कारखाने थे लेकिन राज्य में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद सभी फैक्ट्रियां बंद होकर पड़ोसी राज्य झारखंड में शिफ्ट हो गईं. उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक दवा में इस्तेमाल किया जाने वाला अल्कोहल नहीं बल्कि रेक्टिफाइड स्पिरिट होता है और इससे शराब नहीं बन सकती है. राज्य सरकार इस तथ्य को समझने के लिए तैयार नहीं हुई. इसका नतीजा यह हुआ कि दवा कंपनियों को बिहार छोड़ना पड़ा.


समागम के मौके पर राज्य के विभिन्न होम्योपैथिक कालेज के प्राचार्य डॉ. रामबालक सिंह, डॉ. रविन्द्र कुमार, डाॅ. गुलाबचंद मेहता, डाॅ. भरत सिंह, डॉ. केपी सिंह, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. भरत भूषण सिंह, मो. हयातुल्लाह खान, डाॅ. उमेश सिंह, डॉ. मोईजउद्दीन, डाॅ. एनपी यादव, डाॅ. जीडी मिश्रा, डाॅ. एनएन झा, डाॅ. एसएनपी सिंह, डॉ. राजेश कुमार, डाॅ. पीके मल्लिक, डॉ. एसपी श्रीवास्तव, डाॅ. अखिलेश श्रीवास्तव, डाॅ. राजेश कुमार रंजन, डाॅ. राजेश कुमार कर्ण, डाॅ. राजकिशोर प्रसाद, डाॅ. केपी सिंहा, डाॅ. एसके भारती, डॉ. पीके भारती सहित कोसी के विभिन्न जिलों से होम्योपैथिक चिकित्सक व छात्र शामिल हुए.