दलित देखे नाच यह दबंगों को नहीं हुआ बर्दाश्त, दुल्हा सहित सबको धुन डाला, भागे बाराती, नहीं हो सकी शादी

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आरा (पुष्कर पाण्डेय): दबंगों के आगे दलितों की एक न चली. दलित परिवार के घर बारात आई थी जिसमें 15 से 16 की संख्या में दबंग बिन बुलाए मेहमान की तरह लाठी डंडा से लैस होकर आ धमके. बारात में कुर्सी पर शराती व बाराती को देख उनकी त्योरियां चढ़ गईं. इसके बाद दबंगों ने बाराती—शराती की फायरिंग करते हुए पिटाई शुरु कर दी. इस बीच दूल्हा और बाराती केे लोग अपनी जान बचाकर भाग चले. बेचारी दुल्हन जीवन भर साथ निभाने का वायदा करने वाले दुल्हे का रात भर इंतजार करती रही. लेकिन खौफजदा दुल्हा आने की हिम्मत नहीं जुटा पाया और लड़की की शादी के अरमसन धरे के धरे रह गए. इस घटना को लेकर दिन भर अफरा तफरी का माहौल कायम रहा.
दबंगता की यह कहानी शाहपुर थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव में घटी. इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शाहपुर थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव से मारकंडे की पुत्री पिंकी कुमारी की शादी की बारात कनैली गांव से आयी हुई थी. बड़ी ही धूमधाम से दलित परिवार के लोगों में कनैली गांव से लाकर बारात लगाया. दूल्हा भी हंसी-खुशी के मूड में था. जहां शामियाना टिका था वहां नाच—गाना शुरू हुआ. बारातियों के साथ दूल्हा भी वहीं बैठा था. इतने में गांव के ही 15 से 16 लोग लाठी-डंडे एवं हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे. अपने सामने दलितों को कुर्सी पर बैठकर नाच का आनंद लेते देखा तो उनकी त्योरियां चढ़ गईं.
इसके बाद वे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए दलितों को पीटकर भगाने लगे और नर्तकी को उठाकर ले जाने लगे. इतने में दलितों ने विरोध किया तो लाठी डंडे से लैस Dabang संतोष, अयोध्या, ललन, हरेंद्र, भिखारी, सुखारी, दहाड़ी, भुला, मिथुन, मुन्ना, सोनु आदि ने उनकी पिटाई शुरु कर दी. अचानक शामियाने में भगदड़ मच गई. बारातियों एवं शरातियों को जब दूल्हा ने पिटते देखा तो उसने बीच—बचाव करने की कोशिश की. लेकिन यह कोशिश उसे महंगी पड़ गई. दबंगों ने लाठी डंडे से उसकी भी जमकर पिटाई कर दी.
इसके बाद दूल्हे ने बारातियों संग वहां से भागने में ही अपनी भलाई समझी. जिसको जिधर राह नजर आई, वह उधर ही भाग खड़ा हुआ.  पिटाई से जख्मी कई लोग सुबह शुक्रवार को सदर अस्पताल पहुंचे. इधर मारपीट और फायरिंग का दुष्परिणाम यह हुआ कि बेचारी दुल्हन रात भर दूल्हे के आने का इंतजार करती रह गई. लेकिन वह दुबारा आने की हिम्मत नहीं जुटा पाया. शादी का सपना बस सपना ही रह गया. मायूस दुल्हन पिंकी अपने घर में पड़ी बस यह सोच रही है कि आखिर यह क्या हो गया!
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