बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए अब नहीं जाना होगा बिहार से बाहर

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पटना : बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए अब पेशेन्ट्स को बिहार से बाहर जाने की जरूरत नहीं है. इसकी व्यवस्था अब पटना में ही कर दी गई है. बिहार-झारखंड में इस नई व्यवस्था की शुरुआत राजधानी के पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल में कई गई है. दरअसल होस्पिट में हीमैटोलॉजी और हीमैटो ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट की शुरुआत की गई है.

इन्ही डिपार्टमेंट के तहत बोन मैरो ट्रांसप्लांट और खून की कमी से होने वाली बीमारियों का ट्रीटमेंट किया जाएगा. हॉस्पिटल में शुरू किए गए इस नए व्यवस्था का इनॉग्रेशन आद्री के सेक्रेटरी डॉ शैवाल गुप्ता ने किया. मौके पर हीमैटोलॉजी डिपार्टमेंट हेड डॉ अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि खून की कमी से होने वाली बीमारियों से ग्रसित पेशेंट्स को अब मुम्बई, दिल्ली या बंगलोर जाने की जरूरत नहीं है.

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पटना में ही बिहार-झारखंड के पेशेंट्स बेहतर ट्रीटमेंट अब कर सकेंगे. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए डॉ अविनाश ने बताया कि बिहार के 50 परसेंट लोगों में खून की कमी पाई जाती है. अकेले बिहार में ही 15 से 20 हजार लोग ब्लड कैंसर और खून कमी से होने वाली बीमारियों से ग्रसित पाए जाते हैं.

हर साल 500 से 1000 पेशेन्ट्स ऐसे होते हैं, जिन्हें बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है. अब ऐसे पेशेन्ट्स को बेहतर ट्रीटमेंट पारस हॉस्पिटल में ही मिल जाएगा. इस मौके पर डॉ एए हई और नफ्रेलॉजी के एमडी डॉ अजम कुमार मौजूद थे.

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