मीड-डे मील हादसा : मीना देवी को पटना उच्च न्यायालय ने दी जमानत

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पटना (एहतेशाम) : वर्ष 2013 में  बिहार के सारण जिले  के ध्रमसती गंडामन स्कूल में विषाक्त भोजन खाने से मरे 23 बच्चों की मौत के मामले में निचली अदालत से दोषी करार दिये गये विद्यालय की तत्कालीन प्रधनाध्यापिका मीना देवी को पटना उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत देते हुए उन्हें नियमित जमानत दे दी. न्यायाधीष के.के. मण्डल की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने मीना देवी की ओर से दायर नियमित जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

गौरतलब है कि बहुचर्चित मिड डे मील हादसा मामले में छपरा व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायधीश विजय आनंद तिवारी ने मीना देवी को आईपीसी की धारा 304 और 308 के तहत दोशी करार दिया था जबकि उनके पति
अर्जुन राय को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया था. मामले में अदालत 29 अगस्त 2016 को सजा सुनाया था.

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उल्लेखनीय है कि करीब तीन साल पूर्व 16 जुलाई 2013 को मशरक प्रखंड के धर्मसती गंडामन स्कूल में मिड डे मील खाने के बाद 23 बच्चों की मौत हो गई थी. इस मामले में एक रसोइया व 24 बच्चे एक माह तक पटना मेडिकल कॉलेज
अस्पताल (पीएमसीएच) में इलाजरत रहे थे.

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मृतक आशीष के पिता अखिलानंद मिश्र के बयान पर धर्मसती गंडामन स्कूल की तत्कालीन प्रधानाध्यापिका मीना देवी और उनके पति अर्जुन राय के खिलाफ मशरक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इस मामले में 30 जुलाई 2013 को
सरकार ने विषेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था. घटना के सात दिनों बाद एसआईटी ने मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया था जबकि अर्जुन राय ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था.