गोपालगंज शराब मामले में राज्य सरकार को झटका, हाईकोर्ट ने सामूहिक जुर्माने पर लगायी रोक

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पटना (एहतेशाम) : बिहार के गोपालगंज जिलान्तर्गत खजूबरन्नी में शराब से हुई मौतों के बाद छापामारी में सैकड़ों लीटर शराब बरामद होने के बाद नयी शराब नीति के तहत सामूहिक जुर्माना लगाये जाने के सरकार के निर्णय को पटना उच्च न्यायालय ने झटका देते हुए सरकार के निर्णय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए 4 सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है.

मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश डाॅ अनिल कुमार उपाध्याय के खण्डपीठ ने नागरिक अधिकार मंच की ओर से दायर लोकहित याचिका पर बुधवार को को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि अगस्त 2016 में शराब पीने से करीब डेढ़ दर्जन लोगों की हुई मौत के बाद पुलिस ने खजुरबानी मोहल्ले में छापामारी के दौरान सैकड़ों लीटर शराब बरामद किया था. भारी मात्रा में शराब पाए जाने के मामले में आपराधिक मामला पुलिस ने दर्ज कराई थी.

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इसके बाद पुलिस ने नए उत्पाद अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक जुर्माना लगाए जाने के संबंध में प्रतिवेदन डीएम सह जिला दंडाधिकारी के न्यायालय में दिया. इस प्रतिवेदन के आलोक में जिला दंडाधिकारी के न्यायालय से आरोपी बनाए गए लोगों के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया. नोटिस के आधार पर कई लोग अपने अधिवक्ता के माध्यम से सामूहिक जुर्माना मामले में उपस्थित हुए. डीएम के न्यायालय में दर्ज वाद की सुनवाई के लिए निर्धारित की गई तिथि को दोनों पक्षों की बहस हुई. इसके बाद जिलाधिकारी से अपने निर्णय में खजूरबन्नी मुहल्ले के ग्रामीणों पर नयी शराब नीति के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया था.

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