अवैध बालू उत्खनन पर हाईकोर्ट गंभीर, राज्य सरकार से किया जवाब-तलब

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पटना हाईकोर्ट (फाइल फोटो)

पटना (एहतेशाम अहमद): किशनगंज जिला में अवैध बालू उत्खनन पर गंभीर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया है. चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन एवं जस्टिस डा. अनिल कुमार उपाध्याय की खण्डपीठ ने सूर्यकांत सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि किशनगंज में बड़े पैमाने पर अवैध रुप से बालू का उत्खनन किया जा रहा है. इस अवैध बालू उत्खनन का प्रतिकूल प्रभाव जलवायु के साथ-साथ आमजनों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है.

वायु एवं ध्वनी प्रदूषण को लेकर पटना हाईकोर्ट गंभीर 

गया जिला के मानपुर प्रखंड क्षेत्र में लघु उद्योग के रुप विकसित पावरलूम से इलाके में हो रहे वायु एवं ध्वनी प्रदूषण को लेकर गंभीर पटना हाईकोर्ट ने गया के जिलाधिकारी से स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया है. चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन एवं जस्टिस डा. अनिल कुमार उपाध्याय की खण्डपीठ ने संतोष कुमार की ओर से दायर लोकहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि गया जिला के मानपुर प्रखंड में लघु उद्योग के रुप में करीब 25 हजार पावरलूम का संचालन किया जा रहा है. इस इलाके में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पावरलूम चलने से वायु एवं ध्वनी प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. बढ़े हुए वायु एवं ध्वनि प्रदूषण का प्रतिकूल प्रभाव स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ रहा है. लोग असमय ही श्वास एवं कान के रोगों से ग्रसित होकर अस्पताल का चक्कर लगाने को बाध्य हो रहे हैं.

अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण पर पटना हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 

भागलपुर जिला स्थित सेंसेक्स कम्पाउंड में अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण पर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया. चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन एवं जस्टिस डा. अनिल कुमार उपाध्याय की खण्डपीठ ने रजनीश कुमार की ओर से दायर लोकहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.