सरकार ने माना – सूबे में हो रहा अवैध तरीके से जुगाड़ गाड़ी का परिचालन

पटना (एहतेशाम अहमद): राजधनी सहित सूबे के विभिन्न जिलों में बगैर लाइसेंस और परमिट के चल रहे जुगाड़ गाड़ी मामले में राज्य सरकार ने आखिरकार मान ही लिया की सूबे में अवैध तरीके से जुगाड़ गाड़ी का परिचालन हो रहा है. पटना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 4 सप्ताह की मोहलत देते हुए कार्रवाई कर अदालत में की गयी कार्रवाईयों का ब्योरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने रोहित कुमार की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि राजधानी पटना सहित गया, मुंगेर, भागलपुर, पूर्णिया, सहरसा, छपरा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा आदि जिलों में मोटरसाइकिल को ठेला से जोड़कर जुगाड़ गाड़ी का निर्माण कर बगैर परमिट के व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है. जिससे सरकारी राजस्व की हानि हो ही रही है, वहीं पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है.

Patna-High-Court-min

सोमवार को राज्य सरकार की ओर से जवाब देते हुए बताया गया कि सूबे में हो रही जुगाड़ गाड़ी का परिचालन अवैध है और यह मोटर वाहन अधिनियम का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है. साथ ही साथ राज्य सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि इसपर कार्रवाई के लिए संबंधित जिला के पदाधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है. जिससे जुगाड़ गाड़ी के परिचालन पर रोक लग सके.

यह भी पढ़ें – भारी बारिश से सोनपुर-पहलेजा के बीच रेल ट्रैक धंसा, कई ट्रेन का परिचालन बाधित
शिवभक्तों की सेवा में बना रहे थे शिविर, बदमाशों ने बरसा दीं गोलियां