SC-ST छात्रवृति घोटाला : सुरेश पासवान को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत

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पटना हाईकोर्ट

पटना (एहतेशाम  अहमद): एससी/एसटी छात्रवृति घोटाले में अभियुक्त बनाये कल्याण विभाग के विशेष सचिव सुरेश पासवान को पटना उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत देते हुए उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार के निषेधात्मक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए निचली अदालत से केस डायरी की मांग की है. न्यायाधीश अरविंद श्रीवास्तव की एकलपीठ ने सुरेश पासवान की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

गौरतलब है की एससी/एसटी छात्रवृति घोटाला में तत्कालीन सचिव एस.एम राजू सहित सोलह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया था. इसमें विशेष सचिव सुरेश पासवान, इन्द्रजीत मुखर्जी सहायक निदेशक, संजय कुमार परखंड कल्याण पदाधिकारी, सचिव व निदेशक, गोंना इंस्टीट्यूट साइंस टेक्नोलॉजी विशाखापत्तनम सहित सोलह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया है. जिसमे सचिव पद पर रहते हुए करोड़ो रुपये का बंदरबाट करने का आरोप लगाया गया था.

इन अभियुक्तों पर धारा 406, 409, 420, 467, 468, 471, 477(ए) 120बी. भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत इन पर प्राथमिकी दर्ज किया गया था. इस घोटाले की जांच के उपरांत इस बात कि पुष्टि हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को योजनाबद्ध तरीके से संस्थानों में नामांकन कराकर छात्रवृति की सारी राशि का गबन किया गया है.

यह मामला साल 2013-14 में अनुसूचित जाति/जनजाति प्रवेशिकोत्तर परीक्षा से सम्बंधित है. निगरानी विभाग ने इसकी जांच मार्च में शुरू किया था. जिसमे यह पाया गया कि विशाखापत्तनम की गोंना इंस्टीट्यूट साइंस टेक्नोलॉजी के 25 छात्र को गलत तरीके से छात्रवृति दी गई. जांच में यह बात भी स्पष्ट हो गया कि इस संस्थान से पंद्रह छात्र संस्थान छोड़ चले गए. फिर भी उनके छात्रवृति के राशि को भुगतान किया गया है. इसमें गुंटूर अभियंत्रण कॉलेज के निदेशक को भी नामित किया गया था.

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