लेट हो रही थी दूल्हे की ट्रेन, लगाई प्रभु से गुहार और बढ़ गई मगध की रफ्तार…

आरा(पुष्कर पांडेय): रविवार की रात मगध एक्सप्रेस ट्रेन में बैठकर दूल्हा सुशील कुमार घड़ी की सुईयां बार—बार देख रहा था. सोमवार की शाम दिल्ली के आलीशान होटल में दूल्हे सुशील की शादी दिल्ली के रहने वाले मनोज शर्मा की पुत्री प्रीति से होने जा रही थी. नई दिल्ली सूचना भवन में कार्यरत सुशील की ट्रेन बिहिया रेलवे स्टेशन से आगे बढ़ने के साथ ही जैसे ही अगले रेलवे स्टेशन पर रुकी. उसकी परेशानी भी बढ़ती गई. रविवार की रात्रि ट्रेन पर सवार हुए दूल्हे और बारातियों के लिए सोमवार भी बीतने लगा लेकिन ट्रेन दिल्ली नहीं पहुंच सकी.

ऐसे में दूल्हा और उसके परिजन ट्रेन में परेशान थे जबकि दुल्हन के जोड़े में बैठी प्रीति व परिवार वाले वहां परेशान थे. कोई चारा ना देखकर सुशील ने ट्विटर के जरिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु से संपर्क साधा. उसने प्रभु से गुहार लगाई कि हे प्रभु, क्या कुंवारा ही रह जाऊंगा? दो दिल को भला आप कैसे जुदा कर सकते हैं? ट्विटर का माध्यम से दूल्हे सुशील ने प्रभु तक अपनी बात पहुंचाई. प्रभु के कार्यालय से निर्देश आने के बाद गाड़ी ने रफ्तार पकड़ ली और अंततः थोड़ी देर बाद ही सही, लेकिन ट्रेन दिल्ली पहुंच गई और दूल्हा—दुल्हन साथ जीने—मरने की कसमें खाकर एक—दूजे के हो गए. दोनों के साथ बाराती व घर के लोगों ने भी रेल मंत्री सुरेश प्रभु को दिल से धन्यवाद दिया.

क्या था मामला

बताया गया कि भोजपुर जिले के बिहिया प्रखंड के नावाडीह गांव निवासी निर्मल ओझा के पुत्र सुशील कुमार की सोमवार को नई दिल्ली में शादी थी. रविवार को मगध एक्सप्रेस ट्रेन में तय समय पर चढ़ने के लिए 86 बारातियों के साथ दूल्हा भी स्टेशन पर पहुंचा. जो ट्रेन शाम 7:04 बजे आने वाली थी, वह 10:35 पर रात्रि में आरा रेलवे स्टेशन पहुंची. दूल्हा के साथ बाराती भी खुशी—खुशी बैठे कि चलो अब दिल्ली पहुंच जाएंगे. मगर होनी कुछ और ही कहानी कहने वाली थी.

और पूरे एक दिन लेट हो गई ट्रेन

अगले स्टेशन पर ट्रेन फिर देर से खुली जैसे ही ट्रेन खुली उस पर बैठे यात्रियों ने कहा अरे यार दिल्ली जाना था तो 1 दिन पहले चलते. कुछ देर तक तो दूल्हा एवं बारातियों को बात समझ में नहीं आई. लेकिन ट्रेन जब लेट—लतीफ़ होने लगी तो इसके बाद दूल्हा सुशील की धड़कनें बढ़ने लगी. इधर दुल्हन भी अपने पिया के इंतजार में थी. उसे जब पता चला कि ट्रेन लेट है तो लगा कि सोमवार की शाम गाड़ी समय पर नहीं पहुंच पाएगी. वह भी परेशान हो उठी.

जब संकट में याद आए प्रभु

इधर शादी में आने वाली रुकावट से घबराकर जब सुशील के सामने कोई चारा नहीं बचा तो उसने अंततः प्रभु की सेवा लेना ही मुनासिब समझा और ट्वीट करके प्रभु से कहा हे प्रभु, क्या मैं कुंवारा ही रह जाऊंगा? क्या मेरी शादी नहीं होगी? बाराती भी ट्रेन वाले प्रभु को छोड़कर ऊपर बैठे प्रभु( भगवान) को कहने लगे हे प्रभु! क्या बारात नहीं लगेगी. लोगों की फरियाद और दूल्हे की पुकार दोनों ही प्रभु ने सुनी. रेल मंत्री सुरेश प्रभु तक बात पहुंच गई.

प्रभु ने सुन ली शिकायत

ट्विटर पर दर्ज की गई शिकायत को दिल्ली स्थित रेल मंत्रालय ने लखनऊ रेफर कर दिया. लखनऊ से शिकायत को इलाहाबाद रेफर किया गया. रेल मंत्री ने दूल्हे की परेशानी को समझकर ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने और अनावश्यक स्टॉप ने लेने के आदेश दिए. आखिरकार ट्रेन नई दिल्ली 4:45 बजे पहुंची तो दूल्हे के साथ दुल्हन ने भी राहत की सांस ली.

‘प्रभु ने बना दी जोड़ी’

बताया गया कि दिल्ली में कार्यरत गाजियाबाद शालीमार गार्डेन निवासी मनोज शर्मा के पुत्री से दो वर्ष पहले सुशील को प्रेम हुआ था. इसके बाद दोनों के परिवार वालों की रजामंदी से परिणय सूत्र के बंधन में दोनों बंध गए. सुशील ने बताया कि सुरेश प्रभु और उनकी टीम की कृपा से ही आज मैं दुल्हा बन पाया हूं. वहीं दुल्हन प्रीति ने बताया कि आज हम प्रभु की कृपा से साथ—साथ हैं.