आनंद किशोर का दावा – नहीं हुआ TET पेपर लीक, परेशान करने के लिए किया गया वायरल

पटना : बिहार स्‍कूल एग्‍जामिनेशन बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने दावा किया है कि किसी भी सेंटर पर टीईटी एग्‍जाम का क्‍वेश्‍चन पेपर लीक नहीं हुआ है. कैंडिडेट्स को परेशान करने के लिए ऐसा फर्जी कवेश्‍चन पेपर को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है. इस मामले की उन्‍होंने खुद से जांच की है. आनंद किशोर की मानें तो सभी को परेशान करने का ये काम असामाजिक तत्‍वों का है. ऐसे लोगों की पहचान कर सख्‍त कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है.

इस संबंध में उन्‍होंने पटना के एसएसपी मनु महाराज को एक एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. एग्‍जाम के पहले फर्जी क्‍वेश्‍चन पेपर वायरल करने वालों की पहचान कर उन्‍हें गिरफ्तार करने का आदेश आनंद किशोर की ओर से दिया गया है.

फर्स्‍ट टाईम यूज हुआ बायोमेट्रिक सिस्‍टम

इस बार टीईटी एग्‍जाम के दौरान किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा होने चांसेज नहीं के बराबर थे. किसी दूसरे कैंडिडेट की जगह पर कोई मुन्‍ना भाई भी नहीं एग्‍जाम में नहीं बैठ सकता था. इसका एक बड़ा कारण है. बिहार स्‍कूल एग्‍जामिनेशन बोर्ड ने टीईटी एग्‍जाम के दरम्‍यान फर्स्‍ट टाईम बायोमेट्रिक सिस्‍टम को यूज किया. इसके जरिए ही कैंडिडेट का अटेंडेंट़स बनाया गया. ऐसा सिर्फ पटना जिले के सेंटर पर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के अंदर बनाए गए 348 सेंटर्स पर किया गया. एग्‍जाम के दौरान कैंडिडेट्स के उपर सीसीटीवी कैमरे के जरिए भी कड़ी नजर रखी गई.

जांच करने खुद गए थे आनंद किशोर

अकेले पटना में 30 एग्‍जामिनेशन सेंटर बनाए गए थे. बीएन कॉलेजिएट और गर्दनीबाग गर्ल्‍स हाई स्‍कूल सहित 3 सेंटर पर एग्‍जाम के दौरान जांच करने खुद आनंद किशोर पहुंच गए. बायोमेटिक सिस्‍टम के जरिए खुद कैंडिडेट्स को चेक किया. इस बार टीईटी के एग्‍जाम के लिए कुल 2 लाख, 43 हजार 459 कैंडिडेट्स ने अप्‍लाई किया था. जिसमें पेपर वन के लिए 50 हजार 950 कैंडिडेट्स ने ऑनलाईन अप्‍लाई किया था. जबकि पेपर टू के लिए 1 लाख 92 हजार 509 कैंडिडेट्स ने आवेदन दिया. कुल 12 हजार 702 कैंडिडेट्स ऐसे थे जिन्‍होंने दोनों फॉर्म भरा था.

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