गिरफ्तार शराब तस्कर ने बताया, बस 500 रूपये में पुलिसवाले छोड़ देते थे शराब

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बक्सर (शशांक सिंह) : जब तंत्र ही कमजोर हो तो कानून कुछ भी नहीं कर सकता. कानून को लागू करने की जिम्मेवारी जिस कंधे पर हो वही दगाबाज निकल जाए तो कानून कभी सफल नहीं हो सकता. जिस पुलिस वालों के भरोसे राज्य में शराबबंदी की कामयाबी की उम्मीद की जा रही है वही पुलिस बक्सर में पैसा लेकर शराब का धंधा करा रही है.

शराब के साथ गिरफ्तार तस्करों ने एक-एक कर जब पुलिस वालों की पोल खोलनी शुरू की तो पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गये. तस्करों ने पूछताछ में बताया कि बक्सर पुलिस शराब तस्करी का धंधा कराने के लिए तीन जगहों पर पैसा लेती है. पकड़े गये तस्करों के पास से भारी मात्रा में शराब और मोबाइल की बरामदगी हुई है.

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गिरफ्तार तस्कर डुमरांव के संतोष प्रसाद तथा विजय कुमार ततवा बताये जाते हैं. पूछताछ के दौरान तस्करों ने जैसे ही पुलिस वाले की पहचान बतायी, अधिकारियों ने तस्करों से पहचान के लिए टीआइ परेड करायी. इस दौरान शराब तस्कर विजय कुमार ततवा ने राजेश कुमार नामक जवान को पहचान लिया. वर्तमान में वह वीर कुंवर सिंह चेक पोस्ट पर पदस्थापित है. पहचान होने के साथ ही जवान को हिरासत में ले लिया गया. इसके साथ ही जांच समिति भी गठित कर दी गयी है. उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि लगाये गये आरोप सिद्ध होने के बाद जवान को बर्खास्त करने के लिए लिखा जायेगा.

500 रुपये में जवान ने सरेआम नीलाम कर दी अपनी वर्दी

पूछताछ के दौरान तस्कर विजय कुमार ततवा ने बताया कि जवान की ड्यूटी के वक्त ही शराब की तस्करी की जाती थी. शराब लाने के पहले जवान से फोन पर बात कर ली जाती थी. इसके बाद उत्तरप्रदेश के भरौली से शराब की खेप लेकर आते थे. जहां जवान को 500 रुपये एक खेप के लिए दिये जाते थे. इसके बाद यहां से शराब निकाल दी जाती थी. इसके बाद तस्कर शराब लेकर डुमरांव पहुंचते थे. डुमरांव में भी पुलिस को पैसा दिया जाता था. तस्करों द्वारा किये गये इस खुलासे से यह साफ हो गया है कि बिहार के बक्सर में शराबबंदी की हवा पुलिस ही निकाल रही है.

क्या कहते हैं एसपी

पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा ने बताया कि यह मामला काफी गंभीर है. मामले की जांच को लेकर टीम का गठन कर दिया गया है. पुलिस कर्मी हो या कोई भी अधिकारी हों, उनका नाम अगर शराब तस्करी में आता है तो जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जायेगी.