घपले में CBSE के अधिकारी भी होते हैं शामिल, CBI ने अब जाना श्रीवास्तव का जलवा

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पटना : बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड से संबद्धता प्राप्त स्कूलों के फर्जीवाड़े को जांचने का काम अब तेज होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्पष्ट निर्देश है. लेकिन, यह जान लें कि सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त स्कूलों के फर्जीवाड़े की खबर पटना की सीबीआई को पहले से है. मामला पटना हाई कोर्ट के माध्यम से सीबीआई के पास पहुंचा था. पटना के एक स्कूल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई और अनुसंधान का काम आगे बढ़ा हुआ है. इस मामले में सीबीएसई के पटना क्षेत्रीय कार्यालय के कई अधिकारी भी फंसे हुए हैं.



इस पोस्ट के साथ पब्लिश सीबीआई के दो पृष्ठों का दस्तावेज (फोटो-1 और 2) आपको बहुत कुछ बतायेगा. अभी जबकि पूरे बिहार में स्कूलों के फर्जीवाड़े का शोर मचा है, सीबीआई पटना की यूनिट भी सीबीएसई के धंधे के बिग प्लेयर पटना के श्रीवास्तव जी का नाम सुन चुकी है. और जानकारी का इंतजार है. जान लें, सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त स्कूलों के फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई सीधे तौर पर शुरु कर सकती है.

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सीबीआई की पटना यूनिट को पटना उच्च न्यायालय ने राजीव नगर स्थित AVN स्कूल की गड़बड़ियों को जांचने को कहा था. इस स्कूल को सीबीएसई ने 2009 में मान्यता दी थी, जो कि 2012 तक बहाल रही. 29 जून 2013 को सीबीएसई ने स्कूल की संबद्धता वापस ले ली. भर्ती छात्रों को परेशानी न हो, इसके लिए सीबीएसई ने 2014-15 की परीक्षाओं में उन्हें शामिल होने की अनुमति दे दी. लेकिन इसके आगे स्कूल ने घालमेल शुरु कर दिया. सीबीआई इसी गड़बड़ी को जांच रही है.

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सीबीआई का दस्तावेज, फोटो-1

सीबीआई ने दर्ज प्राथमिकी में स्कूल की प्रिंसिपल मालती सिन्हा, मैनेजर राम सुमेर सिंह, सीबीएसई, पटना रीजनल ऑफिस के सहायक राजेश कुमार, सेक्शन ऑफिसर अरविंद कुमार मिश्रा और असिस्टेंट सेक्रेटरी श्री अरविंद को अभियुक्त बना रखा है. सीबीआई ने प्राथमिक अनुसंधान में यह पाया कि स्कूल ने 338 छात्रों के रिकॉर्ड बोर्ड को समय पर उपलब्ध नहीं कराये. इस कारण सीबीएसई ने इन्हें दसवीं की परीक्षा में शामिल होने की इजाजत नहीं दी.

लेकिन स्कूल का फर्जीवाड़ा देखिये कि सीबीआई की मनाही के बावजूद स्कूल की प्रिंसिपल और मालती सिन्हा और मैनेजर राम सुमेर सिंह ने रोके गए छात्रों के नाम फर्जी एडमिट कार्ड जारी कर दिए. इतना ही नहीं, आगे स्कूल बेस्ड एग्जामिनेशन भी ले लिया. जब यह जानकारी सीबीएसई को मिली, तो वह हैरान रह गई. रिजल्ट फर्जी छात्रों का नहीं निकला.

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सीबीआई का दस्तावेज, फोटो-2

सीबीएसई की एक्सटर्नल कमिटी ने जांच शुरु की. छात्रों पर शक हुआ, तो उनके आंसरशीट मांगे गए. किंतु स्कूल ने यह कहकर उपलब्ध नहीं कराया कि हंगामे में सभी नष्ट हो चुके हैं. इस बाबत राजीव नगर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है. प्रारंभिक जांच में सीबीआई ने सीबीएसई के पटना रीजनल ऑफिस के कई अधिकारियों को मिलीभगत में साथ पाया. सबों ने गड़बड़ छात्रों की सूची में से कुछ के नाम निकाल दिए थे. साथ में, अनुशंसा के साथ 212 छात्रों के नतीजे भी प्रकाशित करा दिए थे, जिनमें कई गड़बड़ियां थीं. हालांकि इस मामले में AVN स्कूल का प्रबंधन यह आरोप करता रहा है कि उससे सीबीएसई के पटना ऑफिस के कुछ लोग नाजायज मांग कर रहे थे.

बिहार के वर्तमान हाल में सीबीआई के भीतर भी यह माना जाने लगा है कि सूबे के और कई स्कूलों के धंधे को जांचने की जरुरत है. बहुत हल्ला किसी श्रीवास्तव जी के नाम का हो रहा है, जिसके बारे में भी कई स्रोतों से जानकारी जुटाने का काम प्रारंभ कर दिया गया है.

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