एम्स पर्चा लीक की सीबीआई ने शुरू की जांच, धनहा के बरवा गांव में हुई छापेमारी

बगहा(अरविन्द नाथ तिवारी): AIIMS में एमबीबीएस परीक्षा—2017 का पर्चा लीक होने के मामले में सीबीआई ने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है. इस मामले में संभवत: पहली छापेमारी बगहरा के धनहा गांव के बरवा में की गई है. इस गांव का निवासी इस मामले में आरोपी है. सीबीआई और पुलिस उसी की तलाश में बगहा आए थे. आरोपी युवक फिलहाल घर में नहीं मिला. बताते चलें कि मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के रहने वाले डॉ. आनंद राय ने पूरे मामले में भ्रष्टाचार को उजागर किया था.

बुधवार सुबह सीबीआई बगहा के धनहा गांव के बरवा में पहुंची. स्थानीय बगहा पुलिस के सहयोग से सीबीआई ने यह कार्रवाई की थी. सीबीआई सबसे पहले बरवा गांव के मुखिया सिकंदर यादव के घर पहुंची. इस मामले में सिकंदर यादव का छोटा भाई पिंटू कुमार आरोपी बनाया गया है. सीबीआई उसी की तलाश में गांव में पहुंची थी. सीबीआई और पुलिस को देखते ही घर वालों के हलक सूख गए, जबकि गांव के लोग हक्के—बक्के रह गए. जिस गांव में पुलिस भी मुश्किल से आती थी, आज सीबीआई के आने की खबर सुनकर लोग दौड़ पड़े.

पुलिस ने पिंटू कुमार के घर की सघन जांच की. कई आपत्तिजनक दस्तावेज इस दौरान जब्त किए गए हैं. पुलिस अधीक्षक शंकर झा ने सीबीआई के छापे की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सिकंदर यादव का छोटा भाई पिंटू कुमार यादव इस मामले में आरोपी है. सीबीआई उसी की तलाश में आई थी. छापेमारी के दौरान पिंटू कुमार घर पर मौजूद नहीं था.

ग्रामीणों ने बताया कि पिंटू इस वक्त घर से बाहर रहकर कानपुर में मेडिकल की तैयारी कर रहा है. हाल—फिलहाल में उसने एमबीबीएस का इंट्रेंस भी दिया है. संभवत: कानपुर में ही परीक्षा की तैयारी के दौरान उसका संपर्क नकल के धुरंधरों से हुआ होगा. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीबीआई तमाम दस्तावेज जब्त करके ले गई है. जिन्हें खंगालने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

क्या है मामला

मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाने वाले डॉक्टर आनंद राय ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा था कि बीते 28 मई को दिल्ली के AIIMS में MBBS के लिए हुए एंट्रेंस एग्जाम का पर्चा लीक हुआ था. उन्होंने कथित तौर पर लीक हुए पेपर के कई स्क्रीनशॉट्स भी अपने ट्विटर अकाउंट से पोस्ट किए थे. एक वीडियो जारी कर डॉ. राय ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. दावे के बाद AIIMS प्रबंधन भी हरकत में आया था और जांच कराने की बात कही थी.

 

डॉ. राय के मुताबिक, पर्चा लीक होने की जानकारी उन्हें उत्तर प्रदेश के कुछ छात्रों ने दी थी. इस सिलसिले में किए गए कई ट्वीट्स में उन्होंने कहा, ‘AIIMS MBBS का पेपर लखनऊ के एमसी सक्सेना कॉलेज से लीक हुआ था. इसी सेंटर से NEET PG की परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ था.’ उन्होंने इससे संबंधित सारे दस्तावेज AIIMS प्रबंधन को सौंप दिए हैं. अपने ट्वीट्स में उन्होंने प्रधानमंत्री के दफ्तर (PMO) को भी टैग किया है.

डॉ. राय के इन ट्वीट्स के वायरल होते ही AIIMS प्रबंधन ने तुरंत इसका संज्ञान लिया और जांच कराने का भरोसा दिलाया. बयान जारी कर AIIMS ने कहा है कि इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया गया है और इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन भी कर दिया गया है. समिति जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. एम्स ने यह भी कहा है कि वह सरकारी जांच एजेंसियों के भी संपर्क में हैं.

बता दें कि एम्स की यह परीक्षा ऑनलाइन होती है और परीक्षा देने वाले किसी छात्र के पास पेपर या उसका स्क्रीनशॉट नहीं हो सकता क्योंकि परीक्षा हॉल में मोबाइल या अन्य सामग्री ले जाने की इजाजत नहीं होती. यह परीक्षा दो चरणों में होती है.

डॉ. राय ने जो स्क्रीनशॉट्स पोस्ट किए हैं, उनमें सुबह और शाम दोनों स्लॉट्स के पेपर शामिल हैं.