CBSE 12वीं के नतीजे आज पर संशय, हाईकोर्ट के इस फैसले से देरी संभव

लाइव सिटीज डेस्क : सीबीएसई बोर्ड से 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए आज बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा के नतीजे आज (24 मई) घोषित किए जा सकते हैं. लेकिन मंगलवार को हाई कोर्ट द्वारा सीबीएसई के बदले नियम पर रोक लगाने के बाद से रिजल्ट में देरी होने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं. दरअसल, कठिन प्रश्नों के उत्तर देने पर 15 फीसदी अधिक अंक देने के प्रावधान को सीबीएसई ने ख़त्म कर दिया था. जिस पर हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सीबीएसई के इस बदले नियम पर रोक लगा दिया है. 

12वीं कक्षा के परीक्षार्थी अपना परीक्षा परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर देख सकते हैं. इसके अलावा results.nic.in और cbseresults.nic.in पर भी परिणाम देखा जा सकता है.



सीबीएसई ने मार्च और अप्रैल के बीच परीक्षाओं का आयोजन किया था. इस साल 10 लाख 98 हजार 981 छात्रों ने 12वीं परीक्षा दी हैं. इस साल पिछले साल के मुकाबले 2.82 फीसदी अधिक छात्र 12वीं परीक्षा में शामिल हुए हैं. देशभर में 12वीं की परीक्षा के लिए 10678 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. 

ऐसे देखें अपना रिजल्ट

– सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in, cbseresults.nic.in या results.nic.in पर पहुंचे.

– उसके बाद CBSE 12th Result 2017 लिंक पर क्लिक करें.

– आवश्यक जानकारी दर्ज करें.

– सब्मिट लिंक पर क्लिक करें, इसके बाद आपका रिजल्ट आपके सामने होगा.

हाई कोर्ट ने सीबीएसई के बदले नियम पर लगाई रोक, रिजल्ट में देरी संभव

दसवीं व 12वीं कक्षा के परिणाम आने का इंतजार कर रहे उन लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर है जो सीबीएसई द्वारा परीक्षा में कठिन प्रश्न के बदले 15 फीसदी तक अतिरिक्त अंक दिए जाने के प्रावधान को खत्म करने से चिंतित थे. हाईकोर्ट ने मंगलवार को इन छात्रों को राहत देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के फैसले पर रोक लगा दी. हाईकोर्ट ने सीबीएसई को इस साल कठिन प्रश्न के बदले 15 फीसदी तक अतिरिक्त अंक दिए जाने के प्रावधान (मॉडरेशन नीति) को बहाल रखने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट के इस फैसले से 12वीं कक्षा के परिणाम आने में अब देरी संभव है. हालांकि इस बारे में सीबीएसई ने अधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है. 

कार्यवाह मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की पीठ ने कहा है कि सीबीएसई को परीक्षा शुरू होने से पहले से छात्रों को अपने निर्णय से अवगत करा देना चाहिए था. हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा है कि परीक्षा शुरू होने या इसके बाद सीबीएसई अपनी नीतियों में बदलाव नहीं कर सकती.

यह टिप्पणी करते हुए पीठ ने सीबीएसई से मॉडरेशन नीति को खत्म करने के अपने आदेश को अगले साल से लागू करने का आदेश दिया है.