अगले साल से बिहार में NEET का परीक्षा केंद्र नहीं!

लाइव सिटीज डेस्क: लगातार पर्चा​ लीक होने की घटना से सीबीएसई की जमकर फजीहत हो रही है. इस मुसीबत से बचने के लिए सीबीएसई जो तरीका अपनाने के बारे में सोच रही है, अगर वह लागू हुआ तो बिहारी छात्रों के लिए डॉक्टर बनने का सपना और मुश्किल हो जाएगा. दरअसल नेशनल इलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) देने के लिए अब बिहार के परीक्षार्थियों को बिहार से बाहर जाना पड़ सकता है. 2018 में बिहार के किसी भी शहर में नीट का केंद्र नहीं रहेगा. इसको लेकर जल्द ही सीबीएसई फैसला ले सकती है.

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, 2018 से नीट परीक्षा केंद्र में पटना सहित बिहार के दूसरे शहरों को बाहर किया जा सकता है. नीट के लिए जो भी अभ्यर्थी परीक्षा फाॅर्म भरेंगे, उन्हें बिहार के बाहर परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प दिया जाएगा. सीबीएसई अगले सप्ताह 24 से 26 जून के बीच नीट रिजल्ट को घोषित कर सकती है. रिजल्ट निकलने के बाद इस संबंध में बैठक सीबीएसई आयोजित करेगी. इसी बैठक में यह फैसला लिया जाएगा.

कई मीडिया रिपोर्टस बताती हैं कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने की अफवाह होने से बोर्ड की बहुत बदनामी हो रही है. कुछ परीक्षार्थियों के कारण लाखों परीक्षार्थी इस प्रकरण से परेशान होते हैं. इतना ही नहीं, सीबीएसई को हाइकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक घसीटा जाता है. इसमें बोर्ड को परेशानी भी उठानी पड़ती है. इसके अलावा रिजल्ट घोषित करने में भी देरी हो जाती है.

तीन साल और पेपर लीक का बिहार कनेक्शन!

पिछले तीन साल यानी 2015 से देखा जाए तो मेडिकल एग्जाम सुर्खियों में है. परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की अफवाहें आम हैं. 2015 में तो पेपर लीक हुआ भी था. सुप्रीम कोर्ट में यह साबित भी हो गया था कि पेपर लीक करने का लिंक बिहार से ही पकड़ा गया था. वहीं 2016 में भी नीट एग्जाम चर्चा में रहा. यही हाल 2017 का है. 2017 में पटना सहित कोलकाता, जयपुर आदि शहरों में पेपर लीक की बातें उठी हैं. पेपर लीक भले ही दूसरे शहरों में हुआ हो, लेकिन सभी के लिंक पटना या बिहार के दूसरे शहरों से थे.

यह भी पढ़ें :-
सवालों से घिरे NEET 2017 पर आया सुप्रीम फैसला
NEET के रिजल्ट पर कोर्ट ने लगाई रोक, CBSE को जवाब देने का निर्देश