मानव तस्करी पर बोले नीतीश कुमार, हमने 4 साल में 5 हजार बच्चों को रेस्क्यू कराया है

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार की छवि बिहार के लोग ही खराब कर रहे हैं. बाहर के लोग नहीं. उन्होंने कहा कि देश में क्षेत्रीय असंतुलन है और जहां बेरोजगारी ज्यादा है, वहीं मानव तस्करी होता है. मेरी सरकार बनने के बाद मानव तस्करी की समीक्षा कर 2008 में नीति भी बनायी गयी.

नीतीश शुक्रवार को राजधानी पटना के एक होटल में मानव तस्करी पर आधारित कार्यक्रम में बोल रहे थे. उन्होंने बताया कि चार साल में 2012-16 के बीच 8327 बच्चे और बच्चियां मिसिंग थी. जिसमें से 5656 ट्रेस किया गया. बिहार सरकार ने रेस्क्यू कराये बच्चे के खाते में 25 हजार रुपए देने की व्यवस्था की है.

साथ ही इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हम लोग काम पर विश्वास करते हैं, पब्लिसिटी पर नहीं. लेकिन कुछ लोग इसमें मास्टर होते हैं. नीतीश ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा क्राइम दिल्ली में होती है. दिल्ली में राज्य सरकार के जिम्मे पुलिस नहीं है.

बता दें कि अमेरिकी कांसुलेट के साथ मिल कर स्वयसेवी संस्था ‘शक्तिवाहिनी’ द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसके बारे में जानकारी देते हुए शक्तिवाहिनी के अध्यक्ष रविकांत ने गुरुवार को बताया था कि मानव तस्करी के मामले में बिहार की समस्या सबसे अलग है.

यहां लड़कियों से अधिक लड़कों की तस्करी होती है. उनके मुताबिक लड़कों से बाल मजदूरी के लिए उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाया जाता है. बिहार के अलावा झारखंड, छतीसगढ़ औरओड़िसा से भी बाल मजदूरी के लिए मानव तस्कर लड़कों को निशाना बनाते हैं.

रविकांत ने कहा कि इसके लिए सरकार को आगे आने की जरूरत है ताकि नौकरी के नाम पर बहकाने वाले दलाल कानून की गिरफ्त में आ सके.