DIG राजेश कुमार की अनोखी पहल, क्राइम फ्री जोन बनेगी गंगा

पटना : अब तक पटना पुलिस की टीम सिर्फ क्राइम कंट्रोल और लॉ एंड ऑर्डर को संभालने में ही लगी थी. लेकिन अब यही टीम गंगा नदी की सेफ्टी के लिए काम करेगी. मनेर से लेकर हाथिदह तक गंगा नदी को ‘क्राइम फ्री जोन’ बनाएगी. पटना जिले के अंदर गंगा नदी का दायरा 120 किलोमीटर के रेंज में है. अब इस रेंज की कमान हर थाने की पुलिस टीम अपने-अपने इलाके में संभालेगी.

बता दें कि जिले के 20 थाना के क्षेत्रों से गंगा नदी हो कर गुजरती है. क्राइम के साथ ही गंगा को पॉल्‍यूशन फ्री बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है. जिसका नाम है ‘ऑपरेशन माई गंगा’. सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार की ये एक अनोखी पहल है. शनिवार को पटना के गांधी घाट पर डीआईजी ने एक मीटिंग ली. जिसमें सभी सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, कई एसडीपीओ और 20 थानों के थानेदार मौजूद थे. इन सबों के बीच ऑपरेशन माई गंगा के पूरे प्‍लान को डिटेल से डीआईजी ने ब्रीफ किया.

अपराधियों के साथ ही गंदगी फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

दियारा इलाके में क्राइम की कई बड़ी वारदातें हो चुकी हैं. अपराधियों के लिए भी ये लंबे समय से सेफ जोन रहा है. गंगा के रास्‍ते देशी-विदेशी शराब व गांजा की तस्‍करी भी खूब होती है. इन्‍क्रोचमेंट भी एक बड़ी समस्‍या रही है. जबरन इन्‍क्रोचमेंट की वजह से कई बार दो गुटों के बीच खूनी खेल की वारदातें भी हुई है. इंडस्ट्री का गंदा कचरा भी गंगा नदी में ही गिराया जाता है. ओवर लोडिंग की वजह से नाव हादसे भी होते हैं. इस लिए पुलिस टीम गंगा नदी को क्राइम फ्री के साथ ही पॉल्‍यूशन फ्री जोन भी बनाएगी. अपराधियों के साथ ही पॉल्‍यूशन फैलाने वालों के साथ भी सख्ती से निपटेगी. ऐसे लोगों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई होगी.

नए वोट से होगी पेट्रोलिंग

शहर के मेन रोड से लेकर गलियों के अंदर आपने थानों की पुलिस टीम को पेट्रोलिंग करते हुए देखा होगा. लेकिन ‘ऑपरेशन माई गंगा’ के तहत पटना पुलिस की टीम अब गंगा नदी में भी आपको पेट्रोलिंग करते हुए दिखेगी. वो भी एक-दो नहीं, बल्कि 20 मोटर वोट से पेट्रोलिंग होगी. इसके लिए जल्‍द ही सभी 20 थानों को एक-एक नया मोटर वोट उपलब्‍ध करा दिया जाएगा.

बनेगी वालंटियर फोर्स

पुलिस के साथ ही पब्लिक को भी गंगा की सफाई का ख्‍याल रखना होगा. इसके लिए पब्लिक को भी अवेयर करना होगा. इस बात को ध्‍यान में रखते हुए डीआईजी ने वालंटियर फोर्स बनाने का डिसीजन लिया है. वालंटियर फोर्स का गठन सभी 20 थानों में होगा. इसमें 50 लोगों की टीम होगी. जिसमें स्‍कूल के टीचर और स्‍टूडेंट्स शामिल होंगे.

नहीं चलेंगे बगैर नंबर वाले नाव

इसी साल 14 जनवरी को गंगा नदी में नाव हादसा हुआ था. ओवर लोड की वजह से कई लोगो की जान चली गई थी. इसे ध्यान में रखते हुए डीआईजी ने साफ कर दिया है कि गंगा में चलने वाले सभी प्राइवेट वोट व नाव वालों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा. उसमें मिले नंबर को वोट व नाव के आगे और पीछे लिखवाना होगा. बगैर नंबर के प्राइवेट वोट व नाव चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.

जरूरी है डॉल्फिन का प्रोटेक्‍शन

ऑपरेशन माई गंगा के तहत डीआईजी ने डॉल्फिन के प्रोटेक्‍शन का भी ख्‍याल रखा है. इनके लाइफ को सेफ रखने के लिए डॉल्फिन प्रोटेक्‍शन कोड का गठन किया जाएगा. इसकी कवायद जल्‍द ही शुरू कर दी जाएगी. डॉल्फिन की सेफ्टी के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे.

एंटी सेंड माइनिंग सेल करेगी कार्रवाई

डीआईजी ने ऑपरेशन माई गंगा के जरिए बालू माफियाओं पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है. पटना जिले के अंदर एंटी सेंड माइनिंग सेल का गठन कर दिया गया है. इस सेल को तीनों सिटी एसपी के साथ ही ग्रामीण एसपी चलाएंगे. सेल के अंदर 6 डीएसपी और कई इंस्‍पेक्‍टर काम करेंगे. जो अवैध रूप से गंगा नदी में बालू का उत्‍खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी.

नदी थाना का बढ़ा मैन पावर

फतुहा में बने नदी थाना का मैन पावर और बढ़ा दिया गया है. टूरिज्‍म डेवलमेंट को ध्‍यान में रखते हुए ये कदम उठाया गया है. डीआईजी के अनुसार नदी थाना को जल्‍द ही 10 पुलिस ऑफिसर और 20 जवान उपलब्‍ध करा दिए जाएंगे.

4 जगहों पर परमानेंट गोताखोर की पोस्टिंग

गंगा नदी का वाटर लेवल अब बढ़ने लगा है. ऐसे में हर साल नहाने के दौरान गंगा घाटों पर हादसे होते रहते हैं. गंगा में डूबने से कई लोगों की जान हर साल चली जाती है. ऑपरेशन माई गंगा के तहत पब्लिक की सेफ्टी का ख्‍याल रखा गया है. अब 4 जगहों पर 8 गोताखोरों की परमानेंट पोस्टिंग होगी. जिसमें दानापुर में दो, दीघा में दो, आलमगंज में दो और फतुहा में दो गोताखोर को परमानेंट तौर पर लगाया जाएगा.

‘माई गंगा का अलग रजिस्‍टर’

मीटिंग के बाद डीआईजी राजेश कुमार ने कहा – थानों में माई गंगा का अलग रजिस्‍टर होगा. गंगा से जुड़े सारे मामले उसी में दर्ज होंगे. इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. माइनिंग सहित कई डिपार्टमेंट के अधिकारियों को भी जोड़ा जाएगा. जो भी लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.