नियोजित शिक्षकों का फूट पड़ा आक्रोश, शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन, पुतला फूंका

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पटना : बिहार के शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी के खिलाफ अब नियोजित शिक्षकों का गुस्सा फुट पड़ा है. सोमवार को राज्यभर में जगह-जगह नियोजित शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की भी मांग की.

राजधानी पटना के बिहटा में भी सोमवार को परिवर्तनकारी प्रारम्भिक शिक्षक संघ के बैनर तले नियोजित शिक्षको ने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका. पुतला दहन के इस कार्यक्रम का नेतृत्व विजय यादव ने किया. इस अवसर पर विरोध जताते हुए शिक्षकों ने सूबे के मुख्यमंत्री से शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की. साथ ही कहा कि जबतक उन्हें बर्खास्त नही किया जाएगा हमारा विरोध जारी रहेगा.

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इस मौके पर मौजूद सचिव जयकान्त धीरज ने कहा कि शिक्षा मंत्री का पद एक गौरवान्वित पद है और इस पद पर रहकर इस तरह की बात कहना अपने आप में शिक्षा मंत्री पर ही सवाल खड़े कर रहा है. क्योंकि कोई भी बुद्धिमान ऐसा करने से परहेज करेगा. अगर शिक्षा मंत्री को हम बोझ लग रहे है तो हमें बर्खास्त करा दे. ये हमें मंजूर है. लेकिन सम्मान को ताक पर रखकर हम काम नही करेंगे.

उन्होंने कहा कि जिसके कार्यकाल में सर्टिफिकेट घोटाला,टॉपर घोटाला जैसी घटना हो रही हो वो दूसरों को बोझ बताये. इससे स्वतः उनके दिमाग़ी दिवालियेपन का अंदाजा लगाया जा सकता है. जिस राज्य में बच्चों को सभी विषय के शिक्षक पढ़ाने के लिये उपलब्ध न हो वहां इंटर का ऐसा रिजल्ट आना कोई आश्चर्य तो है नही. लेकिन अपनी नाक बचाने के लिये सरकार ने सारा दोष शिक्षकों पर मढ़ दिया. शिक्षकों को मध्यान्ह भोजन, गैर शैक्षणिक कार्य में लगाकर सरकार शिक्षण कार्य से कोसों दूर कर चुकी है. लेकिन जब बात सरकार के सम्मान की आयी तो दोषी शिक्षक हो गए.

शिक्षा मंत्री पर आज पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने हमला बोला. उन्होंने शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी को अपरिपक्व बताया. मांझी ने कहा कि नियोजित शिक्षक बोझ नही हैं. इन्हीं नियोजित शिक्षकों के दम पर फिलहाल बिहार की शिक्षा व्यवस्था टिकी हुई है.

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