बहन की शादी के लिए भाई ने बना ली खुद की बैंड पार्टी, परिवार वाले खुद भी हैं शामिल

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जमुई : भारतीय शादियां आमतौर पर विवाह की रस्म से कुछ बढ़कर होती हैं. भारत में शादियां आमतौर पर अपनी भव्यता के लिए जानी जाती हैं. इस भव्यता को आमतौर पर इंसान की आर्थिक और सामाजिक हैसियत का परिचायक भी माना जाता है. आदमी इसी दिखावे और शान ओ शौकत के फेर में पड़कर अक्सर कर्ज के बोझ तले भी दब जाता है. लेकिन इस समस्या से निपटने के लिए खैरा के रायपुरा गांव के निवासी ने जो समाधान निकाला है, उसे देखकर देखने वालों ने दांतों तले न सिर्फ अंगुलियां दबा ली हैं बल्कि समाज को फिजुलखर्ची से बचाने का संदेश भी दिया है.

मामला खैरा इलाके के रायपुर गांव का है. मामला बैंड बाजा और बारात से जुड़ा हुआ है. ग्राम निवासी सुनील कुमार की बहन की शादी 14 मई को होना तय हुई थी. लेकिन शादी के इंतजाम इतने महंगे थे कि पूरे परिवार को पसीना आने लगा. सबसे ज्यादा अखरने वाली जो चीज थी वो यह थी कि बैंड का इंतजाम बेहद महंगा पड़ रहा था. लगन तेज होने के कारण बैण्ड वालों ने भी अपने भाव बढ़ा दिए थे. कोई बैण्ड कंपनी आधे घंटा बैंड बजाने के लिए 15 हजार मांग रही थी तो कोई 20 हजार या फिर उससे भी अधिक.

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सुनील परेशान थे कि इस समस्या का समाधान निकालें तो कैसे? अगर बाजे न बजे तो बारात की शोभा क्या रह जाएगी? वहीं जिस बहन की शादी है वह भी फीकी हो जाएगी. अंत में पूरे घर ने मिल—बैठकर समस्या का समाधान खोज लिया. बहन की शादी में अब चंद दिन ही बचे थे. पूरे परिवार ने बिना समय गंवाए खुद ही बैंड वाले की भूमिका अदा करने का फैसला ले लिया. परिवार ने बाजार से न सिर्फ सस्ती कीमत पर बैंड का सामान खरीद लिया बल्कि अपनी ही पारिवारिक बैंड पार्टी भी बना डाली. पूरा परिवार अब शादी के इंतजाम करने के अलावा बैंड बजाने की प्रैक्टिस भी शुरू कर चुका है.

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आज ( 14 मई को) सुनील की बहन की शादी है और सुनील ने बैंड पार्टी वालों को अंगूठा दिखाते हुए खुद की बैंड पार्टी बना डाली है. पूरा परिवार शादी के सभी विधि—विधानों में बढ—चढकर हिस्सा ले रहा है. सुनील के इस फैसले से गांव के लोग भी काफी उत्साहित हैं. इस बैंड पार्टी में उसके परिवार के छोटे से लेकर बड़े तक सभी सदस्य शामिल हैं.

रायपुरा गांव के लोगों का कहना है कि घर के दरवाजे पर बैंड—बाजा बजाने ये पूरा परिवार भले ही बैंड पार्टी वाले लग रहे हों, लेकिन सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं. यह लोग समाज को बहुत बड़ा संदेश भी दे रहे हैं. पारिवारिक बैंड के मुख्य बैंड मास्टर सुनील ने बताया कि घर में बहन के साथ ही साथ पूरा परिवार भी इस फैसले से काफी खुश है. उसने कहा कि शादी में फिजूलखर्ची पर रोक लगनी ही चाहिए ताकि गरीब परिवार भी उसी शान से अपनी बेटी विदा कर सकें जिस शान से अमीर अपनी बेटी विदा करते हैं. फिलहाल यह शादी और सुनील का पूरा परिवार इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

जमुई से राजेश कुमार की रिपोर्ट

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