दहल उठी गलियां जब दानापुर पहुँचीं एक साथ पांच लाशें…!

पटना (मनोज प्रियदर्शी) : अमरनाथ यात्रा के दौरान जान गंवाने वाले दानापुर के पांच मृतकों का पार्थिव शरीर रात साढ़े आठ बजे पटना हवाई अड्डे पर पहुँचा. शवों को रिसीव करने के लिए उनके परिजन घंटों से बाहर इंतजार में खड़े हुए थे. मृतकों में पांच युवा हैं जबकि एक वृद्ध महिला भी हैं. आने वाले शवों के साथ राहुल का शव नहीं आ सका है. सभी शवों के साथ केन्द्रीय मंत्री रामकृपाल यादव भी आए हैं. उन्होंने सभी शवों को साथ लेकर मृतकों के घर सांत्वना देने के लिए पहुंचे. इससे पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने भी मृतकों के घर पहुंचकर गहरा शोक जताया था.


शाम ढले ही दानापुर का पूर्वी इलाका मौत के सन्नाटे में डूबने लगा. पेठिया बाजार, भट्ठा रोड, ताड़ी गोदाम, इमली तल की गलियां में जैसे मौत का सन्नाटा पसरा हुआ था.

लेकिन पीड़ित परिवारों के रिश्तेदार, शुभचिंतकों के अलावा दोस्तों औऱ पड़ोसियों की भीड़ भी गलियों में भरी थी. लेकिन सभी खामोश थे.

खामोशी में डूबे उस सन्नाटे को अगर कोई चीरता था तो वह थी घर की औरतों की रह—रहकर उठती रोने की आवाजें. खामोशी के बीच खड़ी भीड़ भी तब भावुक हो उठती थी.


अंततः सभी छह घरों का इंतजार रात करीब दस बजे ख़त्म हो ही गया. लेकिन घर की औरतों के साथ ही भीड़ भी रोते—चिल्लाते हुए ताबूतों के साथ घर की ओर दौड़ पड़ी. पांच दिन पहले हँसते—खेलते निकले लोग अब ताबूतों में बंद थे.

परिजन कभी छाती पीटते तो कभी ताबूत. रामकृपाल यादव, एमएलए आशा देवी, चेयमैन राजकिशोर यादव भी शोक सांत्वना व्यक्त करने वालों में शामिल थे.

उधर पांचों मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए रामजी चक से पीपा पुल घाट तक ले जाने की तैयारी में पीड़ित परिवार जुट गए हैं.

छठे मृतक राहुल के शव के इंतजार में उसके परिजन बेहाल थे. शव न आने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है.