NEET की परीक्षा में पांच ट्रांसजेंडर (किन्नर) हुए पास, बनेंगे डॉक्टर

पटना: CBSE द्वारा विगत 7 मई को आयोजित NEET परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं. इस परीक्षा में कुल 11,38,890 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे जिसमें 6,11,539 को कामयाबी हासिल हुई है. MBBS and BDS कोर्सेस में नामांकन के लिए आयोजित इस प्रतियोगी परीक्षा परिणाम के बारे में आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस परीक्षा में ट्रांसजेंडर समुदाय के भी आठ परीक्षार्थी शामिल हुए थे और इसमें से पांच को कामयाबी मिली है. सफलता की दर के हिसाब से देखें तो यह नॉर्मल जेंडर के प्रतिभागियों से बेहतर परिणाम की दर है.

एक वरिष्ठ CBSE अधिकारी के मुताबिक, आठ ट्रांसजेंडर ने NEET की परीक्षा दी थी और पांच ने इसमें सफलता प्राप्त की ली. इस परीक्षा में कुल 11,38,890 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे जिसमें 2,66,221 पुरूष प्रतिभागी थे जबकि 3,45,313 महिला प्रतिभागी थीं. 6,11,539 प्रतिभागी इसमें सफल रहे. आपको बता दें कि वर्ष 2016 में भी ट्रांसजेंडर समुदाय के नौ प्रतिभागी इस परीक्षा में शामिल हुए थे जिनमें से तीन ने कामयाबी हासिल की थी.

तस्वीर प्रतीकात्मक है

 

सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 में अपने एक ऐतिहासिक फैसले में ट्रांसजेंडर के लिए ‘थर्ड जेंडर’ की नई कैटेगरी की बुनियाद डाली थी.  कहने की जरूरत नहीं कि ट्रांसजेंडर जिसे समाज किन्नर समुदाय के नामसे बेहतर जानता है और जिसे समाज में उपेक्षित नजरिये से देखा जाता है. अगर उन्हें मौके दिए जाएं तो उनकी प्रतिभा भी किसी दूसरों से कतई कम नहीं हैं.

वे भी कामयाबी का परचम लहरा सकते हैं और और वह मुकाम हासिल कर सकते हैं जिसे मेल और फीमेल कैटेगरी के लोग हासिल कर सकते हैं.