जिसे लावारिस समझ कर ठुकराया, अब वो चली गई फ्रांस

बक्सर (शशांक सिंह) : विदेश जाना लोगों का सपना होता है. अच्छे-अच्छे लोग नहीं जा पाते हैं, पर एक बच्ची जिसे बक्सर स्टेशन पर उसके परिजनों ने तीन साल पहले लावारिस हालत में ट्रेन में मरने के लिए छोड़ दिया था. अब ये बच्ची बक्सर से फ्रांस चली गयी है. बक्सर की सात वर्षीय अनाथ बच्ची को लेने के लिए फ्रांस में रह रहे एक एनआरआई दंपत्ति ने रुचि दिखाई थी.

दंपत्ति ने केंद्रीय दत्तक ग्रहण अभिकरण में बाकायदा इसका ऑन लाइन पंजीयन भी कराया था. इसके बाद बच्ची एनआरआई दंंपत्ति को सौंप दी गयी है. बुधवार को बच्ची के लिए दत्तक ग्रहण समारोह आयोजित किया गया. जिसमे बक्सर सदर के कांग्रेस विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने बच्ची को उसे नए माता-पिता को सौंप दिया. अनाथ बच्ची को गोद लेने के सवाल पर दंपत्ति ने बताया कि मेरे लिए यह बच्ची ‘गॉड गिफ्ट’ है जिसे अब वह अपनी बेटी की तरह पालेंगे.

बच्ची के लिए कराया था ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

फ्रांस में रह रहे दंपत्ति डेविड व सेलिन ने प्रयास भारती में पल-बढ़ रही 7 साल की लावारिस बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई थी. पटना स्थित उक्त संस्था में करीब 3 साल पहले बच्ची को ले जाया गया था. जब उसके अपनों ने अपनाने से इंकार करने के साथ ही उसे लावारिस हालत में छोड़ कर भाग गए थे. मिली जानकारी के अनुसार बच्ची को लेने के लिए उक्त दंपत्ति ने अपना ऑन लाइन पंजीयन भी इससे संबंंधित बेवसाइट केंद्रीय दत्तक ग्रहण अभिकरण में कराया था. मामला विदेशी धरती पर रह रहे दंपत्ति का था. ऐसे में, अभिकरण ने उक्त दंपत्ति की ओर से अपने बारे में दी गई जानकारियों को खंगाला. जिसमें सभी बातों को सही पाया गया है. इसके बाद उनके आवदेन पर स्वीकार कर बच्ची को सौंपने की पहल हुई.

जीआरपी को मिली थी लावारिस

करीब तीन साल पहले उक्त बच्ची बक्सर जीआरपी को लावारिस हालत में किसी ट्रेन में मिली थी. जिसको जीआरपी ने चाइल्ड लाइन को सौंप दिया था. बाद में चाइल्ड लाइन व बाल कल्याण समिति के जरिए पटना की संस्था प्रयास भारती में ले जाया गया था. बच्ची ने अपना नाम उल्फा खातून बताया था. उसने बताया था कि वह वाराणसी की रहने वाली है. उसके पिता अंडा बेचते हैं. मां बर्तन मांजने का काम करती है.

पहली बार हुआ ऐसा वाकया

बाल कल्याण समिति के सदस्य विनोद कुमार सिंह ने बताया कि यह पहला मौका था जब जिले की अनाथ बेटी (बच्ची) को लेने के लिए विदेश से दंपत्ति पहुंचे थे. बता दें कि केंद्रीय दत्तक ग्रहण अभिकरण की प्रक्रिया पूरी होने में करीब 6-7 माह का समय लगता है. इस बीच संस्था व अभिकरण सारी प्रक्रियाएं पूरी करता है. मौके पर प्रयास भारती ट्रस्ट की अध्यक्ष सुमन लाल, बाल कल्याण समिति की सहायक निदेशक ममता झा समिति के अध्यक्ष डॉ. रमेशचंद्र पांडेय, सदस्य विनोद कुमार सिंह, प्रतिमा सिंह व अन्य थे.