देवघर में शिवभक्तों की सेवा में जुटे समाजसेवी, 24 घंटे कर रहे हैं सेवा…

लाइव सिटीज डेस्क: शिव भक्तों के लिए श्रावण मास का विशेष महत्व है. श्रावण मास की महिमा का बखान करते हुए वेद—पुराण और शास्त्र थकते नहीं हैं. इस पावन महीने में भगवान शिव के दर्शन और पूजन से बड़ा कोई पुण्य नहीं है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो नर और पीड़ित मानवता की सेवा को ही नारायण की सेवा मानते हैं. इन दिनों बाबाधाम देवघर में देश दुनिया के श्रद्धालु कांवड़ लेकर पहुंच रहे हैं. उनकी सेवा में पटना के स्वयंसेवी संगठन 24 घंटे जमकर जुटे हुए हैं.

बाबा धाम के बेहद करीब है शिविर

पटना महानगर का स्व. पुनीता देवी सेवा संस्थान और ज्यूपिटर सेवा संस्थान इन दिनों बाबा धाम देवघर में जमकर सेवा कार्य में जुटा हुआ है. संस्थान के सेवादार चौबीस घंटे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सेवा—सुश्रुषा में जुटे हुए हैं. संस्थान ने अपना सेवा शिविर सुल्तानगंज से बाबा धाम आने वाले मार्ग पर बांका जिले के हड़खार, गोरियारी में लगाया है. इस स्थान से बाबा धाम की दूरी सिर्फ 40 किमी ही रह जाती है.

पूरे महीने 24 घंटे चलेगा शिविर

संस्थान के प्रधान सेवक और संयोजक युवा जदयू के प्रदेश महासचिव और पटना के महानगर प्रभारी चंदन​ सिंह ने बताया कि संस्थान उनकी माता स्व. पुनीता देवी के पुण्य कार्यों को समर्पित है. उनकी प्रेरणा से ही संस्थान पूरे बिहार में सेवा कार्य संचालित कर रहा है. चंदन सिंह ने बताया कि विश्राम शिविर 10 जुलाई से संचालित है और सावन मास के आखिरी दिन तक चलेगा. शिविर में प्रतिदिन 1000 से अधिक कावंड़िये ठहर रहे हैं. कावंड़ियों की सुविधा का हर तरह से ख्याल रखते हुए संस्था के सेवादार 24 घंटे सेवाकार्यों में जुटे हुए हैं.

 

 

भोजन से लेकर विश्राम तक की व्यवस्था

प्रधान सेवक चंदन सिंह ने बताया कि करीब पांच कट्ठे में कावंड़ियों के रुकने के लिए वॉटरप्रूफ विश्राम शिविर बनाया गया है. श्रद्धालुओं के शयन के लिए बिस्तर, शौच—स्नान के साथ ही चाय, सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता, चाय, रात का भोजन आदि नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है.

जो कावंड़िये अन्न नहीं खाते हैं उनके लिए फल, दूध और फलाहारी भोजन की व्यवस्था भी की गई है. डाक कावंड़ियों के लिए रास्ते में शीतल जल, शर्बत और जूस आदि की व्यवस्था की गई है. शिविर में मरीजों की सेहत का ख्याल रखने के लिए 24 घंटे डॉक्टरों की टीम सक्रिय है. वाहन से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है.

पूरे प्रदेश में करते हैं सेवा कार्य

दूर से कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कांवड़ टांगने के स्थान भी बनाए गए है. शिविर में कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए सेवादारों की टीम के साथ ही पुलिस सुरक्षा की भी व्यवस्था है. दूरदराज से आने वाले यात्रियों के लिए 24 घंटे दूरसंचार की भी व्यवस्था की गई है. प्रधान सेवक चंदन सिंह ने बताया कि स्व. पुनीता देवी सेवा संस्थान और ज्यूपिटर सेवा संस्थान पूरे बिहार और झारखण्ड में सेवा कार्य चलाता है. सेवा कार्यों में बाढ़ राहत शिविर, आपदा राहत कैंप, गरीब कन्याओं का विवाह, पौधारोपण, गरीब बच्चों की निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था आदि शामिल है.