बिहार के सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के जू. डॉक्टर बुधवार को हड़ताल पर

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फाइल फोटो

पटना: प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में तैनात जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार से हड़ताल की घोषणा कर दी है. जूनियर डॉक्टरों ने यह निर्णय सोमवार को आईएएस भवन में चल रहे मेडिकल काउंसिलिंग के दौरान लाठीचार्ज और पांच छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में लिया है.


जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) की ओर से मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के प्राचार्यों को लिखित सूचना दे दी है. जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की सूचना देने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सिविल सर्जनों से अतिरिक्त डॉक्टर की मांग की है.

पीएमसीएच के अलावा एनएमसीएच, आईजीआईएमएस, एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर, जेएनएमसीएच भागलपुर, एएनएमसीएच गया, डीएमसीएच, राजकीय मेडिकल कॉलेज बेतिया और पावापुरी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉक्टरों ने हड़ताल की घोषणा की है.

पीएमसीएच जेडीए के अध्यक्ष डा. विनय कुमार का कहना है कि पीजी काउंसिलिंग के दौरान हंगामा करने वाले छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया तथा पांच छात्रों को गिरफ्तार कर बेउर जेल भेज दिया है.
जेडीए का कहना है कि कई छात्रों को चोटें आई हैं. उनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है. जेडीए अध्यक्ष का कहना है कि जब तक पुलिस एफआईआर वापस नहीं लेती है, गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया जाता है.

उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तब तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे.उन्होंने बताया कि हड़ताल की घोषणा 24 घंटे के लिए की गई है लेकिन इस बीच पुलिस-प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए भी किया जा सकता है.

बुधवार की सुबह सात बजे से जूनियर डॉक्टर अस्पताल में सेवा प्रदान नहीं करेंगे. इधर, पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. लखींद्र प्रसाद ने बताया कि पीएमसीएच ओपीडी संचालन के लिए 50 और एनएमसीएच में 40 डॉक्टरों की मांग की गई है ताकि बुधवार को ओपीडी संचालित हो सके.