कम अंक आनेवाले स्टूडेंट्स नहीं लें टेंशन, बड़े संस्थानों में ले सकेंगे एडमिशन

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पटना (राज विमल) : बिहार सरकार अगले साल से छात्रों को ग्रेस देने पर विचार कर रही है. इस वर्ष और विगत वर्ष में यह देखा गया है कि छात्रों के कम नंबर आने के कारण वह किसी बड़े संस्थान में नामांकन लेने में असमर्थ रहे थे जिससे निबटने के लिए राज्य सरकार यह कदम उठाने पर विचार कर रही है. सरकार अपने प्रस्ताव में छात्रों को ग्रेस के रूप 15 अंक देने का मन बना रही है.

बहरहाल सरकार किसी भी मुद्दे पर पहुंचने से पहले बाकी राज्यों की ग्रेस व्यवस्था पर भी गहन अध्यन कर रही है. उन राज्यों के द्वारा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा में सुधार के लिए किये गए कार्यों की भी समीक्षा की जायेगी.

शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो सरकार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) एवं आईसीएसई की तरह अपने छात्रों को भी ग्रेस देना चाहती है. बोर्ड का मानना है कि उसके के छात्रों को बाकी के बोर्डों की अपेक्षा कम नंबर आते हैं. इससे छात्रों को बड़े संस्थानों में नामांकन लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सरकर इस मामले पर एक्सपर्ट से भी सलाह ले रही है.

गौरतलब है कि इस वर्ष इंटर का परीक्षा में दो तिहाई छात्र फेल हो गये हैं, जिसके बाद राजधानी में छात्र जम कर हंगामा कर रहे हैं. वहीं इस वर्ष के विज्ञान संकाय की टॉपर सिमुलतला की खुशबू कुमारी ने लाइव सिटीज बात करते हुए कहा था कि उसे टॉप करने की खुशी से ज्यादा इस बात का गम है कि वह किसी बड़े संस्थान में इतने कम अंकों के साथ नामांकन नहीं ले पायेगी.

बहरहाल ग्रेस के मुद्दे पर सरकार अपना अंतिम फैसला समीक्षा करने के बाद ही सुनाएगी.