पांच नक्सलियों को कोर्ट ने दी फांसी की सजा

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मुंगेर (सुनील जख्मी) : वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बारूदी सुरंग विस्फोट करने और गोलीबारी कर सीआरपीएफ के दो हवलदार की हत्या और अन्य 10 जवानों के जख्मी होने के मामले में पांच नक्सलियों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनायी है. गुरुवार को मुंगेर कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई. वहीं फैसले को लेेकर कोर्ट के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये थे. सूत्रों की मानें तो सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर आरोपी के परिजनों ने हंगामा करने की कोशिश की.

बताया जाता है कि मुंगेर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम ज्योति स्वरूप श्रीवास्तव ने गुरुवार को पांच नक्सलियों को हत्या के आरोप सहित अन्य अपराधों में फांसी की सजा सुनायी है. कोर्ट ने प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड की सजा भी सुनायी है.

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सरकार की ओर से अभियोजना पक्ष प्रस्तुत करनेवाले अधिवक्ता सुशील कुमार सिन्हा ने बताया कि जिन पांच माओवादियों को फांसी की सजा सुनायी गयी हैं, उनमें रत्तू कोड़ा उम्र-30, लक्ष्मीपुर, जमुई, बिपिन मंडल उम्र-30, हवेली खड़गपुर, मुंगेर, अधिक लाल पंडित, उम्र-67, हवेली खड़गपुर, मुंगेर, बानो कोड़ा उम्र-45, कजरा, लखीसराय तथा मन्नू कोड़ा उम्र-30, कजरा, लखीसराय शामिल हैं.

मामला वर्ष 2014 का है. 10 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के दिन मतदान सम्पन्न कराने चुनाव दल को लेकर मतदान केन्द्र की ओर जा रही सीआरपीएफ की टुकड़ी पर गंगटा- जमुई मार्ग में सवा लाख बाबा के नजदीक सशस्त्र माओवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की और बारूदी सुरंग विस्फोट किया था.

इस हमले में सीआरपीएफ के हवलदार सोमे गौड़ा और हवलदार रविन्द्र कुमार राय की मौत इलाज के दौरान हो गयी, जबकि दस अन्य जवान अशोक बसेरा, राघवेंद्र राम पल, विश्वनाथ, धर्मपाल, हेड कान्स्टेबल बिक्रम सिंह, अवर निरीक्षक धर्मपाल आदि जख्मी हो गए थे.

घटना मतदान शुरू होने के चार घंटा पूर्व सूर्योदय के पूर्व हुई थी. उस समय तत्कालीन आरक्षी अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा और आरक्षी उपमहा निरीक्षक सुधांशु शेखर तथा खड़गपुर आरक्षी उपाधीक्षक रंजन कुमार थे. इधर फांसी की सजा का फैसला आने पर प्रशासन ने संबंधित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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