सूत्रधार ने अजीत कुमार अकेला को दी श्रद्धांजलि

पटना/फुलवारी शरीफ/खगौल : बिहार के लोकप्रिय लोकगायक और संगीत निर्देशक अजित कुमार अकेला की पुण्य स्मृति में सूत्रधार ने खगौल स्थित अपने कार्यालय परिसर में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया.

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी उदय कुमार ने लोकगायक के निधन को लोक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया. अजित कुमार अकेला ने लोक गायन परंपरा को काफी समृद्ध बनाते हुए आगे बढ़ाया है. जहां एक ओर बाजारवाद के दौर में भोजपुरी गायिकी पर फूहड़ता, द्विअर्थी बोलों का बोलबाला रहा, वहां अजित कुमार अकेला ने कभी समझौता नहीं किया.

उन्होंने हमेशा भाषाई गरिमा बनाए रखी. सहज सरल स्वभाव के अकेला जी सही मायने में संगीत की गहरी समझ रखते थे. उनके द्वारा गाए लोकगीत, छठ पूजा के गीत हमेशा लोक कंठ से स्वर लहरियों के रूप में निकलते रहेंगे. जब भी लोक संगीत परंपरा की बात चलेगी अजित कुमार अकेला अग्रणी नाम के रूप में याद किए जाएँगे. वरिष्ठ रंगकर्मी एवं सूत्रधार के महासचिव नवाब आलम ने लोक प्रिय गायक को महान कलाकार बताते हुए उन्हें एक संवेदनशील एवं लोक परंपरा का महान संरक्षक बताया.

ऐसे महान महान कलाकार के असामयिक निधन से संगीत की लोक परंपरा में एक बड़ा स्थान रिक्त हो गया है. अकेला जी हमेशा कलाकारों को प्रेरणा देते रहेंगे. इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी उदय कुमार, गिरिधर पाठक, मनोज, तनवीरुल हक, रोहित, राकेश प्रेम, आमिर अली सहित काफी संख्या में बुद्धिजीवी, साहित्यकारों ने अपने प्रिय लोक गायक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

वहीं पटना के भारतीय नृत्य कला मंदिर के प्रांगण में कला एवं संस्कृति परिवार बिहार के बैनर तले शोक सभा का आयोजन किया गया.जिसमें बड़ी संख्या में जिले के साहित्यकारों, पत्रकारों, कलाकारों एवं कला प्रेमियो ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत लोकगायक के तेलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

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