बदनसीबी : डोली की जगह अर्थी पर बेटी को विदा किया पिता ने

शेखपुरा (ललन कुमार) : ‘रब जो चाहे वही तो यहां होना है’ कुछ ऐसा ही हुआ एक बदनसीब पिता के साथ. सड़क हादसे में बेटी की हुई मौत पर एक कैंसर पीड़ित बाप का दर्द छलक पड़ा. उन्होंने कहा- एक बाप के लिए इससे बढ़ कर बदनसीबी क्या होगी कि बेटी को डोली पर बिठाने की जगह उसकी अर्थी को वे कंधा दे रहे हैं.


हुआ यूं कि कोरमा थाना क्षेत्र के भदोस गांव निवासी अरुण यादव की बेटी अर्चना हर दिन की भांति शेखपुरा के गिरिहिंडा से एक निजी शिक्षण संस्थान से ट्यूशन पढ़ कर साइकिल से अपना घर लौट रही थी. इसी बीच शहर के आरडी कॉलेज के पास लखीसराय की ओर से तेज गति से आर रही पिक अप वैन ने छात्रा की साइकिल में सीधी टक्कर मार दी और छात्रा को रौंदते हुए वाहन चालक भाग निकला.

जख्मी हालत में छात्रा को स्थानीय लोगों की मदद से एक स्थानीय निजी क्लिनिक में ईलाज के लिए भर्ती कराया गया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने गंभीर रूप से घायल छात्रा को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया. पटना ले जाने के क्रम में छात्रा की मौत हो गयी. घटना की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.

इधर कैंसर पीड़ित पिता अरुण यादव अपनी बेटी की मौत की खबर सुन सन्न रह गए. पिता ने बताया कि उसकी बेटी अर्चना की शादी इसी नम्बर माह में होनी थी. सारी चीजें तय हो चुकी थीं. लेकिन, रब की मर्जी के आगे किसी का जोर नहीं चलता है. रब जो चाहे वही तो यहां होना है. आज एक बाप को बेटी की डोली की जगह उसकी अर्थी को कंधे देकर उसे विदा करना पड़ रहा है. वहीं इस घटना से मुहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है. घरवालों का रो रोकर हाल बुरा है.

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